Thursday, March 5, 2026
HomeUncategorizedमहाकाल गैंग का पर्दाफाश, भोजपुरी गानों पर हथियार लहराकर बनाते थे रील

महाकाल गैंग का पर्दाफाश, भोजपुरी गानों पर हथियार लहराकर बनाते थे रील

अवैध हथियारों की तस्वीर

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राजधानी पटना पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात महाकाल गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह अवैध हथियार और कारतूस की तस्करी करता था तथा भोजपुरी गानों पर हथियार लहराते हुए सोशल मीडिया पर रील बनाकर युवाओं में डर और अपराध की भावना फैलाने की कोशिश करता था।

नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना पर बिहटा थाना क्षेत्र के घोड़ाटाप गांव में छापेमारी की। इस दौरान गैंग के दो सक्रिय सदस्य हरेराम सिंह (57 वर्ष) और विनीत कुमार (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और नकदी बरामद की। इसमें 2 रायफल, 1 गन, 1 रिवॉल्वर, 340 जिंदा कारतूस (12 बोर, .315 बोर, 7.65 एमएम, .32 बोर), 5.07 लाख रुपये नकद, 3 मोबाइल और अन्य सामान शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बिहटा थाना कांड दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सिटी एसपी ने बताया कि इस गैंग का सरगना भोजपुरी कलाकार अभिषेक सिंह है, जो हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहता था। उसके सहयोगी सोनू कुमार, सुमीत कुमार और निरंजन कुमार भी गैंग से जुड़े हैं। सोनू और सुमीत को पहले ही 13 जुलाई 2025 को 80 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि हथियारों और गोली-बंदूक के साथ रील बनाकर युवाओं को अपराध की ओर धकेलने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

चिंता की बात यह है कि भोजपुरी गानों में अब अश्लीलता के साथ हिंसा और हथियारों का क्रेज भी तेजी से बढ़ रहा है। कई गानों पर युवक इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर बंदूक और रायफल लहराते हुए वीडियो बना रहे हैं। समाजशास्त्रियों का कहना है कि मनोरंजन की आड़ में फैल रही यह हथियार संस्कृति समाज के लिए गंभीर खतरा है और इस पर सख्ती जरूरी है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments