तुलसी जयंती समारोह में बोले मधुकर उपाध्याय तुलसी पर अध्ययन की जरुरत

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा आयोजित तुलसी जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए मधुकर उपाध्याय ने कहा कि मुझे बनाने में अयोध्या का जितना योगदान रहा है, उतना ही अवधी भाषा का भी मुझे गर्व है कि तुलसी दास जी ने रामायण अवधी में लिखी तुलसी के सम्बन्ध में त्रिलोचन कहते हैं बाबा भाषा हमने तुमसे सीखी, अब तक तुलसीदास का कलात्मक पक्ष अव्याख्यायित है । उस पर अध्ययन की जरुरत है तुलसीदास की अवधी केवल अवधी नहीं है उसमे फारसी से पहले पहलवी है, अरबी भाषा के लगभग ग्यारह सौ शब्द हैं, फिर तमिल है, तेलुगू है, कन्नड़ है एक उदाहरण के तौर पर उपाध्याय ने बताया कि जो लय शब्द आज रिदम के अर्थ में प्रयुक्त होता हैl यदि आप रामचरित मानस का पठन किसी इच्छा से करते हैं तो वह निष्फल होगा मानस का अध्ययन ज्ञान की दृष्टि से होना चाहिए ।
विशिष्ट अतिथि के रुप में बोलते हुए आन्जनेय दास जी ने कहा कि मैं उस धरती से हूं जो क्रांतिकारियों की धरती है। मैं इस पुनीत अवसर महात्मा तुलसी को प्रणाम करता हूं कि वे अपने साहित्य से हमें निरंतर प्रेरणा देते रहते हैं। उपस्थित दूसरे विशिष्ट अतिथि डॉ शरत चन्द्र मिश्र ने कहा कि तुलसी दास जी भारतीय मनीषा के श्रेष्ठ कवि हैं। सम्पूर्ण भारतीय साहित्य उनका ऋणी है । नाना प्रकार के कष्ट सहते हुए उन्होंने समाज को नयी दिशा दी। पूरे मध्यकाल के वे अकेले कवि हैं जो नारी के प्रति भी सम्वेदनशील हैं। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए आचार्य परमेश्वर जोशी ने कहा कि तुलसीदास जी ने रामचरित मानस की रचना के साथ राम को जन जन तक पहुंचा दिया। वह एक महान संत व कवि है। उन्होने आगत अतिथियो के प्रति आभार व्यक्त किया इसके पूर्व सभा के मंत्री डां अनिल कुमार त्रिपाठी ने मधुकर उपाध्याय का परिचय कराया और नागरी प्रचारिणी सभा तुलसी जयंती परंपरा में मुख्य अतिथि और अन्य आगत अतिथियो को अवगत कराया। अंत मे संयोजक अखिलेश जायसवाल ने सबके प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का विद्वता पूर्ण संचालन डां मधुसूदन मणि त्रिपाठी ने किया। समारोह मे आयोजित प्रतियोगिता मे बच्चों को मुख्य अतिथि के द्वारा पुस्तक व प्रमाण पत्र दिया गया. इसके साथ निर्णायक मंडल के सदस्यो सुश्री वन्दना गुप्ता, शीला चतुर्वेदी, आचार्य प्रमोद मणि त्रिपाठी, डां शकुन्तला दीक्षित, डां राजेश मिश्र एवं डां सुधाशु शुक्ल को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. सरस्वती वन्दना अंजलि अरोडा ने प्रस्तुत किया. इस अवसर पर सरोज कुमार पाण्डेय, वृद्धिचन्द्र विश्वकर्मा, डां दिवाकर प्रसाद तिवारी, दिनेश कुमार त्रिपाठी, रमेश चन्द्र त्रिपाठी, संजय राव, बृजेश पाण्डैय अधिवक्ता, अनिल कुमार त्रिपाठी, इन्द्र कुमार दीक्षित, रवीन्द्रनाथ तिवारी, गोपाल कृष्ण सिंह रामू, बृजेश पाणडेय अधिवक्ता, दुर्गाधर द्विवेदी, सतीश पति त्रिपाठी, विजय प्रसाद, डां सौरभ श्रीवास्तव, श्याम सुन्दर भगत, श्वेतांक त्रिपाठी, दयाशंकर कुशवाहा, सौदागर सिंह, हिमांशु सिंह, डां भावना सिन्हा, जगदीश उपाध्याय, चतुरानन ओझा, उद्भव मिश्र, रजनीश गोरे, विनय चतुर्वेदी, राजा मणि, हृषिकेश मिश्र आदि गणमान्य उपस्थित रहेl कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

सुबह-सुबह सड़कों पर उतरी पुलिस, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

मॉर्निंग वॉकर्स और बुजुर्गों से किया संवाद, एंटी रोमियो टीम ने बालिकाओं को हेल्पलाइन नंबरों…

40 minutes ago

थाली में अन्न की बर्बादी पर लगे लगाम, तभी मिटेगी भूख की समस्या

अन्न का सम्मान, किसान की मेहनत का सम्मान है; भोजन की बर्बादी रोकना सरकार के…

2 hours ago

रिश्ते में प्यार और नजदीकी बनाए रखने के लिए छोड़ दें ये 6 आदतें, वरना बढ़ सकती है दूरियां

लेखक: अमरेश रावत। राष्ट्र की परम्परा रिश्ता चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, उसे…

2 hours ago

बदलते मौसम में बच्चों को बीमारियों से कैसे बचाएं? जानिए सर्दी-जुकाम से लेकर मौसमी एलर्जी तक के लक्षण और बचाव के उपाय

लेखक: गोविन्द प्रताप मौर्य। राष्ट्र की परम्परा मौसम में बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान…

3 hours ago

बहुत गर्म चाय-कॉफी पीने की आदत पड़ सकती है भारी, बढ़ सकता है एसोफेगल कैंसर का खतरा; जानें बचाव के तरीके

लेखक: गोविन्द प्रताप मौर्य। राष्ट्र की परम्परा कई लोगों की सुबह की शुरुआत गर्मागर्म चाय…

3 hours ago

नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए जरूरी खबर: क्या रात में जागने से बढ़ सकता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा? जानिए रिसर्च क्या कहती है

लेखक: गोविन्द प्रताप मौर्य। राष्ट्र की परम्परा अक्टूबर का महीना दुनियाभर में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता…

3 hours ago