उतरौला/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)l विकास खंड श्रीदत्तगंज के ग्राम चमरूपुर स्थित गौशाला में व्यवस्थाओं की भारी कमी के चलते गायों को ठंड और भूख से जूझना पड़ रहा है। गौशाला में हरे चारे की व्यवस्था नहीं है और पीने के पानी के लिए बने नाद अक्सर सूखे रहते हैं। ठंड के मौसम में गायों की हालत और भी खराब हो रही है।
गौशाला में गेट की अनुपस्थिति के कारण बांस से अस्थायी अवरोध लगाया गया है। हरे चारे के अभाव में गायों को केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है। इसके अलावा, पानी की व्यवस्था के लिए लगा मोटर पंप वर्षों से खराब पड़ा है। इसके सुधार के लिए कई बार संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्राम प्रधान राम शंकर सैनी ने बताया कि गौशाला के संचालन की जिम्मेदारी केयर टेकर पर है, जिसकी नियुक्ति जिला पंचायत द्वारा की जाती है। उन्होंने बताया कि मोटर पंप को ठीक कराने के लिए विभाग को कई बार पत्र भेजे गए हैं, लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला। मजबूरन केयर टेकर को नल से पानी निकालकर गायों को पिलाना पड़ रहा है।
सचिव ग्राम्य पंचायत धनंजय यादव ने कहा कि गौशाला की जिम्मेदारी उनके विभाग की नहीं है, इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
गौशाला में वर्तमान समय में लगभग एक दर्जन गायें रखी गई हैं। देखभाल की जिम्मेदारी दूर रहने वाले केयर टेकर पर होने से उनकी नियमित देखरेख भी नहीं हो पा रही है। इन सब अव्यवस्थाओं के कारण गायें ठंड और भूख के संकट का सामना कर रही हैं।
गौशाला की स्थिति पर स्थानीय प्रशासन की उदासीनता और विभागीय लापरवाही स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। अविलंब इन समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए ताकि गायों को बेहतर देखभाल मिल सके और गौशाला का उद्देश्य पूरा हो सके।
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