Wednesday, February 18, 2026
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लोक अदालत देवरिया से घटेगा एनपीए बोझ, आम जनता को मिलेगा त्वरित न्याय

देवरिया में राष्ट्रीय लोक अदालत 2026 को लेकर बैंकों की बड़ी तैयारी, ऋण वसूली मामलों पर विशेष फोकस


देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा) जनपद देवरिया में आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत देवरिया को सफल बनाने के लिए प्रशासन और बैंकिंग संस्थान पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया द्वारा बैंक प्रबंधकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोक अदालत में ऋण वसूली मामलों के अधिकतम निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
यह बैठक माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया धनेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर आयोजित हुई, जबकि संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (सीडी) शैलजा मिश्रा ने किया।

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लोक अदालत देवरिया में ऋण वसूली मामलों के निस्तारण पर जोर
बैठक में सचिव शैलजा मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत देवरिया 2026 के अंतर्गत प्री-लिटिगेशन स्तर पर अधिक से अधिक बैंक ऋण वसूली मामलों को चिन्हित किया जाए। सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों के निस्तारण से न केवल न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि आम नागरिकों और बैंकों—दोनों को त्वरित राहत मिलेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक अदालत आम जनता को सस्ता, सरल और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है।

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प्रत्येक बैंक में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश
राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक बैंक अपने यहां एक नोडल अधिकारी अनिवार्य रूप से नियुक्त करे। नोडल अधिकारी मामलों के चयन, दस्तावेजों की तैयारी और लोक अदालत में प्रभावी निस्तारण की जिम्मेदारी निभाएंगे, जिससे लोक अदालत देवरिया में अधिक मामलों का समाधान संभव हो सकेगा।

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प्रचार-प्रसार अभियान तेज करने पर सहमति
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत देवरिया 14 मार्च 2026 की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए पोस्टर, बैनर, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक लोग लोक अदालत का लाभ उठा सकेंगे।
प्रमुख बैंकों की भागीदारी
बैठक में यूपी ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित कई बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने लोक अदालत में ऋण वसूली मामलों के समाधान में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
आम नागरिकों और बैंकों—दोनों को लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार लोक अदालत में निस्तारित मामलों के निर्णय को न्यायालय की डिक्री का दर्जा प्राप्त होता है और सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता। इससे विवादों का स्थायी समाधान होता है। वहीं, बैंकों को एनपीए मामलों में कमी और ग्राहकों को शीघ्र राहत मिलती है।

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14 मार्च 2026 को होगा व्यापक निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत देवरिया में बैंकिंग, विद्युत, राजस्व, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना, श्रम विवाद सहित अनेक मामलों का निस्तारण किया जाएगा। आम नागरिकों से अपील है कि वे अपने विवादों का समाधान लोक अदालत देवरिया के माध्यम से कराएं।
राष्ट्रीय लोक अदालत देवरिया 2026 न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन और बैंकिंग संस्थानों के समन्वय से यदि यह अभियान सफल होता है, तो हजारों लंबित मामलों का समाधान संभव होगा और जनता का न्याय प्रणाली पर विश्वास और मजबूत होगा।

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