संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में यातायात नियमों की स्थिति जमीनी स्तर पर बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग समेत प्रमुख सड़कों पर माल ढोने वाले वाहन खुलेआम सवारियां लेकर दौड़ रहे हैं, जिससे लोगों की जान लगातार खतरे में पड़ रही है।
ग्राउंड पर हालात यह हैं कि पिकअप, डाला और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे मालवाहक वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के इन वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं। नियमों के मुताबिक मालवाहक वाहनों में सवारी ढोना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
सोमवार देर शाम पुलिस चौकी मगहर के पास गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पिकअप वाहन में दर्जनों सवारियां भरी हुई देखी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन में सवार लोग अयोध्याधाम से दर्शन-स्नान कर लौट रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि यह वाहन कई जिलों की सीमा पार करता रहा, लेकिन कहीं भी उसे रोका नहीं गया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही आए दिन हादसों को न्योता दे रही है। सड़क पर तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की सख्ती मौके पर दिखाई नहीं दे रही है।
यातायात विभाग की ओर से दावा किया जाता है कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है और लगातार जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि सूचना मिलने पर संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सड़कों पर दिख रही वास्तविक तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
ग्राउंड रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मालवाहक वाहनों में सवारी ढुलाई पर रोक लगना मुश्किल है और आम लोगों की जान यूं ही जोखिम में बनी रहेगी।
