Monday, February 16, 2026
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जीवन मिलने बिछुड़ने का संगम है

मेरी रचना, मेरी कविता


हमारे जीवन में हर एक का प्रवेश
किसी न किसी उद्देश्य से होता है,
कुछ लोग हमारी परीक्षा ले लेते हैं,
कुछ हमें कुछ शिक्षा देकर जाते हैं।

कुछ तो स्वार्थवश उपयोग करते हैं,
और कुछ हमारी अच्छाइयाँ ले जाते हैं,
जीवन मिलने व बिछुड़ने का संगम है,
जीवन आदान प्रदान का उपक्रम है।

उम्मीदों का दीपक जलाए रखना है,
ऊर्जा का श्रोत भी दमकाये रखना है,
जीवन का प्रकाश कम नहीं होने पाये,
हर अँधेरे में ज्योति जलाये रखना है।

रिश्ते में भ्रम पैदा हो जाय तो वह
धीरे धीरे विष बेल बन जाता है,
प्यार की सारी जड़ों को निर्मूल कर
अपनी ज़हरीली साखें फैलाता है।

सच्चे व संत महात्मा लोग सितारों
जैसे होते हैं, जो चमकते तो सदैव हैं,
परंतु दिखते तभी हैं जब प्रकाश की
कमी के कारण अंधकार हो जाते हैं।

तालाब कुँऐ से कई गुना बड़ा होता है,
फिर भी लोग कुँऐ का ही पानी पीते हैं,
वजह यह है, कुँऐ में गहराई होती है,
और कुएँ के जल में शुद्धता होती है।

मनुष्य के व्यक्तित्व में यदि गहराई हो,
आदित्य उसके विचारों में शुद्धता हो,
तभी वह व्यक्ति महान कहलाता है,
उसका बड़ा कहलाना अच्छा होता है।

कर्नल आदि शंकर मिश्र, आदित्य
लखनऊ

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