गुर्दे के संक्रमण से बच्चों की मौत: प्रशासन और मुख्यमंत्री सक्रिय, त्वरित उपचार जारी

छिंदवाड़ा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पिछले 22 दिनों में गुर्दे के संक्रमण से सात बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार में चिंता बढ़ा दी। प्रभावित बच्चों को तत्काल इलाज और नागपुर एम्स में रेफरल की व्यवस्था की जा रही है।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पिछले 22 दिनों के दौरान गुर्दे के संक्रमण (Kidney Infection) से सात बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य और प्रशासनिक तंत्र में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जिला प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरतते हुए तुरंत उपचार की दिशा में कदम उठाए हैं।

जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह ने अधिकारियों और चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि संक्रमण के संकेत दिखने वाले बच्चों को हरसंभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को तत्काल उन्नत उपचार की आवश्यकता है, उन्हें नागपुर स्थित एम्स में रेफर किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर मध्यप्रदेश सरकार की पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के जरिए भी बचाव कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने व्यक्तिगत रूप से जिलाधिकारी से फोन पर बात की और बच्चों को सर्वोत्तम एवं त्वरित उपचार सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक पटेल ने बताया कि अब तक एक से सात साल के सात बच्चों की मौत इस संक्रमण के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की टीम प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रही है और परीक्षण के लिए नमूने जुटाए जा रहे हैं।

भोपाल से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी प्रभावित घरों से पानी के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें पुणे की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संक्रमण और मौतों के सही कारण का पता चलेगा।

कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) नरेश गुन्नाडे ने बताया कि संक्रमण का पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया और पहली मौत 7 सितंबर को हुई। प्रारंभिक लक्षणों में तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई प्रमुख हैं।

वर्तमान में, छिंदवाड़ा में तीन और नागपुर में चार बच्चे उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

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Editor CP pandey

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