ज्योतिबा फुले क्रांति की मशाल

ज्योतिराव फूले, जिन्होंने समाज को आँखें दीं।

धूप थी अज्ञान की, अंधकार था घना,
उग आया फूले-सा एक सूर्य अनमना।
ज्योति बनी वह वाणी, दीप बना विचार,
टूटे पाखंडों के जाल, जागा हर परिवार।

जन्मा वह खेतों में, पर मन था आकाश,
शूद्र कहे गए जिन्हें, उनमें भर दी प्रकाश।
पढ़ा स्वयं, फिर कहा – “सबको पढ़ना है”,
न्याय की माटी में, बीज समता बोना है।

नारी को जब बंधन ने छीन लिया अधिकार,
सावित्री संग उन्होंने लिख डाली नई बात।
पहली शिक्षिका बनी वह, घर ही बना पाठशाला,
कहा – “नारी शिक्षित हो, तभी बुझे अंधियाला।”

ब्राह्मणवाद के ढोंग से खोला सच का द्वार,
कर्मकांड से हट के फूले ने रचा विचार।
कहा – “जाति नहीं जन्म से, कर्म से हो माप”,
इंसान वही जो इंसानियत को दे पंखों का ताप।

सत्यशोधक सभा रची, सच्चाई की खोज,
धर्म नहीं हो भेद का, हो सबमें समबोध।
न राजा का अभिमान हो, न गरीब का रोना,
ऐसा हो समाज जहां हर जन को हो जीना।

न खेतों में हो बेगारी, न मंदिर में अपमान,
हर हाथ में हो शिक्षा, हर दिल में सम्मान।
दलित, शोषित, नारी के वह बन गए पुकार,
फूले की वाणी बनी, जन-जन की आवाज़।

आज भी जब कोई बच्चा, स्कूल पहली बार जाए,
जब कोई नारी बोले, जब कोई शोषण से लड़े,
तो समझो फूले अब भी ज़िंदा हैं, चलते साथ हमारे,
उनकी क्रांति अब भी गूंजे, भारत माँ के द्वारे।

-प्रियंका सौरभ

rkpnews@desk

Recent Posts

PWD निर्माण कार्यों में रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था को लेकर प्रदेशभर के ठेकेदारों की बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश के ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, उपखनिज रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था पर तत्काल…

19 hours ago

व्यथा धरा की

सुन कर मन की व्यथा धरा की ,आकाश को रोना पड़ेगाएक दिन ऐसा आएगाजब क्षितिज…

20 hours ago

प्रतिरोध स्वयं  का

✍️ सोनम सोनी आज मन का सागर शांतहो गया --- क्यों ।वो उथल-पुथल, हलचल हलचल,उलझन…

20 hours ago

सरकारी योजना का लाभ पाने का मौका, जरूरी दस्तावेजों के साथ 31 जुलाई को पहुंचें हाटा

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…

2 days ago

यात्रियों की सुरक्षा के लिए देवरिया स्टेशन पर चला विशेष चेकिंग अभियान

देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…

3 days ago