पत्रकारिता की साख और सच्चाई

पत्रकारिता लोकतंत्र का प्रहरी है। लेकिन आज यह प्रहरी दो चेहरों में बँट चुका है—एक तरफ़ छोटे अखबार, जो गाँव-गाँव की गलियों, चौपालों और खेत-खलिहानों तक जाकर जनता की असल आवाज़ बनते हैं; दूसरी ओर बड़े अखबार, जो वातानुकूलित दफ़्तरों, थानों और चौकियों तक सीमित रहकर जनता की धड़कन को भुला चुके हैं।छोटे अखबारों की कलम मेहनत से तराशती है सच्चाई को। ये न किसी सत्ता के दबाव में रहते हैं, न किसी चकाचौंध के मोह में। मगर विडंबना यह है कि इन्हें ही नीचा दिखाने की कोशिश की जाती है। बड़े अखबारों के पत्रकार अक्सर तंज कसते हैं।“यह पेपर आता ही कहाँ है, कौन पढ़ता है?” जबकि हकीकत यह है कि हर अखबार को शासन-प्रशासन द्वारा वैधता का नंबर और टोकन प्राप्त होता है। सवाल यह नहीं कि कौन-सा अखबार कितना बड़ा है, असल सवाल यह है कि कौन-सा अखबार सच बोलने की हिम्मत रखता है।
दुर्भाग्य से, बड़े अखबारों की एक जमात अपने “रुतबे” और “खौफ” को बनाए रखने के लिए छोटे अखबारों को हाशिये पर ढकेलना चाहती है। वे सच्ची खबरों को दबाते हैं, जमीनी पत्रकारों को धमकवाते हैं और सफेदपोशों की मैनेजमेंट का हिस्सा बन जाते हैं। यह प्रवृत्ति न केवल पत्रकारिता की आत्मा के साथ धोखा है, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को खोखला करने वाली भी है।
असली पत्रकार वह है जो जनता की पीड़ा के बीच खड़ा मिले, उनके सवालों को कलम से ताक़त दे और सत्ता के सामने सच लिखने की हिम्मत दिखाए। अगर पत्रकारिता सत्ता के इशारे पर नाचने लगे, तो यह सिर्फ़ धंधा रह जाएगा, धर्म नहीं।
आज समाज को यह तय करना होगा कि वह किस पत्रकारिता पर भरोसा करे—उस पर जो चमकदार इमारतों में बैठकर खबर गढ़ती है, या उस पर जो मिट्टी की खुशबू के साथ सच्चाई को सामने लाती है।
पत्रकारिता की साख, सच्चाई और भविष्य—इन्हें बचाने का ज़िम्मा अब हम सबका है।

प्रदीप कुमार

rkpnews@desk

Recent Posts

सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का संदेश देती काव्य गोष्ठी में प्रतिभाओं का सम्मान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर…

7 hours ago

विदाई समारोह में भावुक हुए छात्र, नए सफर के लिए मिली प्रेरणा

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l बी.आर.डी.बी.डी. पी.जी. कॉलेज आश्रम बरहज में बी.ए. छठवें सेमेस्टर के राजनीति…

7 hours ago

करौंदी में जमीनी विवाद ने लिया खौफनाक मोड़: लाठी-डंडों से हमले में 70 वर्षीय वृद्ध की मौत, 10 नामजद

फाइल फोटो बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। थाना क्षेत्र के ग्राम करौंदी में लंबे समय से…

7 hours ago

माँ बगलामुखी जयंती पर गोरखपुर में 24 घंटे का भव्य महायज्ञ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)माँ बगलामुखी के पावन प्राकट्य दिवस एवं जयंती के अवसर पर गोरखपुर…

8 hours ago

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: महराजगंज से 10 श्रद्धालुओं का दल गुजरात रवाना

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सनातन आस्था और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक सोमनाथ मंदिर में आयोजित…

8 hours ago

संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम का सख्त संदेश, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

संपूर्ण समाधान दिवस में 39 शिकायते, 04 का मौके पर निस्तारण महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।…

8 hours ago