झारखंडी प्लांट एवं आवास बचाओ संघर्ष समिति ने जिला अधिकारी को सौपा ज्ञापन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)
बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर महादेव झारखंडी प्लांट एवं आवास बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में एक प्रतिनिधि मंडल रामगढ़ ताल के किनारे 50 मीटर के दायरे में, सीमांकन कर पिलर लगाकर संरक्षित करने संबंधी आदेश के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मांग किया कि जो गोरखपुर विकास प्राधिकरण के द्वारा सड़क निर्माण किया जा रहा है, उसमें ग्राम रामगढ़ ताल एवं महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर एक राजस्व ग्राम के काश्तकारों को सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए तथा 15 मीटर के बाद 50 मी 90 मी मे जिलाधिकारी के द्वारा जो पेपर में प्रकाशित कराया गया था इसको बैरिकेडिंग किया जाएगा इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए । समिति के अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने कहा कि
हम, मोहद्दीपुर, पड़हा महादेव, झारखंडी (टुकड़ा संख्या-1) एवं ताल रामगढ़ रेवेन्यू विलेज के निवासी, इस क्षेत्र के मकान स्वामी एवं काश्तकार हैं।
हाल ही में समाचार पत्रों के माध्यम से यह ज्ञात हुआ है कि आपके आदेशानुसार रामगढ़ ताल के किनारे 50 मीटर के दायरे में सीमांकन कर पिलर लगाने का कार्य गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) को सौंपा गया है, जिसके लिए बजट स्वीकृति एवं कार्यदायी संस्था का चयन भी किया जा रहा है।
हम यह निवेदन करना चाहते हैं कि उक्त भूमि हमारी निजी संपत्ति है, और बिना विधिवत अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान के किसी भी प्रकार का सीमांकन अथवा पिलर निर्माण पूर्णतः अनुचित एवं अवैध होगा। पुर्व पार्षद प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि
राज्यपाल द्वारा दिसंबर 2020 में जारी अधिसूचना में उल्लिखित वेटलैंड सीमा के अंतर्गत हमारी भूमि नहीं आती है। सन् 2009 में उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा ताल के किनारे बांध एवं बोल्डर पिचिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जब ताल की सीमा उस समय निर्धारित हो गई थी, तो उसके बाहर स्थित भूमि को वेटलैंड प्रभावित क्षेत्र बताना तथ्यात्मक रूप से असंगत है।
इसके अतिरिक्त, चाहे भूमि वेटलैंड क्षेत्र, ग्रीनलैंड या पार्क के रूप में वर्गीकृत की गई हो, उसकी स्वामित्व अधिकारिता हमारे नाम दर्ज है। अतः गोरखपुर विकास प्राधिकरण को बिना अधिग्रहण प्रक्रिया पूर्ण किए पिलर लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।यह भी उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में प्रभावित लोगों में अनेक विधवाएं, सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक, तथा शैक्षिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के परिवार शामिल हैं, जो अपनी इस भूमि पर भावनात्मक एवं आर्थिक रूप से निर्भर हैं। ऐसे लोगों के लिए यह भूमि न केवल जीवनयापन का साधन है, बल्कि उनकी आजीविका, सुरक्षा और आत्मसम्मान से जुड़ी हुई है। अतः बिना उचित मुआवजे के उनकी भूमि पर कोई कार्रवाई करना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत होगा।
विगत वर्षों में विकास के नाम पर गोरखपुर शहर में अनेक नागरिकों की भूमि एवं मकान प्रभावित हुए हैं, परंतु अभी तक अधिकांश को उचित मुआवजा नहीं मिला है। जैसे
विरासत गलियारा” परियोजना,
मोहद्दीपुर मार्ग निर्माण,
आर.के.बी.के. से सहारा मार्ग तक की सड़क परियोजना,
इन सभी में काश्तकारों की भूमि का उपयोग हुआ, किंतु मुआवजा अब तक प्रदान नहीं किया गया।
वहीं दूसरी ओर, 2020 की अधिसूचना के बाद भी गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा स्वयं ताल क्षेत्र में निर्माण कार्य कराए गए, जैसे मोहद्दीपुर की दिशा में ताल के भीतर सड़क निर्माण,झारखंडी टुकड़ा संख्या-1 एवं ताल रामगढ़ में सड़क निर्माण,निजी बिल्डरों (पाम पैराडाइज, लोहिया एन्क्लेव, K.K. कंस्ट्रक्शन) द्वारा आवासीय एवं वाणिज्यिक परियोजनाएं,
तथा नवलपुरवा क्षेत्र में ताल के अंदर जेट्टी निर्माण।
ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि जब सरकारी व निजी निर्माण कार्य ताल क्षेत्र में निरंतर चल रहे हैं, तो केवल आम नागरिकों की भूमि को ही वेटलैंड संरक्षण के नाम पर क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
अतः हम समस्त भूमि स्वामी एवं निवासी यह स्पष्ट घोषणा करते हैं कि जब तक हमारी भूमि का विधिवत अधिग्रहण कर मुआवजा प्रदान नहीं किया जाता,
हम किसी भी प्रकार की पैमाइश, सीमांकन अथवा पिलर निर्माण कार्यवाही का कड़ा विरोध करेंगे और जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से बृजपाल सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अंजलि चंद, विशाल चंद, दुर्गेश दुबे, मैनेजर सिंह, विक्रम सिंह, विनोद यादव, राजेंद्र पाठक , विजय यादव, अरविंद राय ,राधेश्याम सिंह,समेत कई लोग मौजूद थे।

rkpnews@somnath

Recent Posts

विहिप गोरख प्रांत की बैठक में कर्तव्यों को नया स्वरूप दिया गया, रोडमैप की रूपरेखा तैयार

गोरखपुर गोरक्ष प्रांत योजना बैठक—कार्ययोजना 2026 यह बैठक विश्व हिंदू परिषद, गोरक्ष प्रांत, गोरखपुर, योजना…

2 weeks ago

बीबीएयू में बेटियों के लिए एनसीसी का बिगुल, 30 अगस्त तक मौका

नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की राह पर कदम बढ़ाएंगी छात्राएं, 19 से 22 वर्ष आयु वर्ग…

2 weeks ago

सेंट्रल बैंक के स्थापना दिवस पर आरसेटी देवरिया में हुआ भव्य पौधरोपण, “एक पेड़ माँ के नाम” का दिया संदेश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रामीण…

3 weeks ago

शहीद शिवराज सोनार की याद में रक्तदान का महाअभियान, एसपी ने की पहल की सराहना

अनूप तिवारी देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। अमर शहीद शिवराज उर्फ सोना सोनार के 84वें शहादत…

3 weeks ago

काकोरी ट्रेन एक्शन: पटरियों पर गूंजी वह हुंकार, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी

सरदार भगत सिंह ने ‘किरती’ में लिखी वीरों की गाथा काकोरी ट्रेन एक्शन केवल सरकारी…

3 weeks ago

सतत कृषि ही भविष्य की समृद्धि का आधार: भुवनेश्वर नाथ पांडेय

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में शुक्रवार को "सतत कृषि…

3 weeks ago