Tuesday, January 13, 2026
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इतिहास के पन्नों में 5 जनवरी: जब खेल, विज्ञान, राजनीति और युद्ध ने रचा समय का अमिट दस्तावेज़

इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि उन निर्णयों, उपलब्धियों और घटनाओं का जीवंत दस्तावेज़ है, जिन्होंने मानव सभ्यता की दिशा बदली। 5 जनवरी ऐसी ही एक तिथि है, जिसने खेल के मैदान से लेकर अंतरिक्ष, राजनीति, कूटनीति और युद्धभूमि तक गहरी छाप छोड़ी है। आइए क्रमबद्ध रूप से 5 जनवरी को घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हैं।
2020 – एक ओवर, छह छक्के और क्रिकेट इतिहास
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ लियो कार्टर ने घरेलू क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाकर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराया। इस उपलब्धि के साथ वे दुनिया के सातवें बल्लेबाज़ बने जिन्होंने यह असाधारण कारनामा किया। इससे पहले गैरी सोबर्स, रवि शास्त्री, युवराज सिंह, हर्शल गिब्स, रॉस विटाली और हजरतुल्ला ज़ज़ई यह रिकॉर्ड बना चुके थे। यह घटना क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाज़ी के विकास की प्रतीक मानी जाती है।
2020 – भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऐतिहासिक ऊँचाई पर
इसी वर्ष भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने 457.468 बिलियन डॉलर का स्तर छूकर आर्थिक मजबूती का संकेत दिया। यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर भारत की वित्तीय स्थिरता, निवेशकों के भरोसे और मजबूत आर्थिक नीतियों का प्रमाण बनी।
2014 – जीसैट-14 और आत्मनिर्भर अंतरिक्ष शक्ति
भारत ने संचार उपग्रह जीसैट-14 को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसमें भारत में निर्मित क्रायोजेनिक इंजन का प्रयोग हुआ। यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में आत्मनिर्भरता और तकनीकी परिपक्वता का मील का पत्थर बना।
2010 – हरित राजस्थान अभियान और गिनीज रिकॉर्ड
राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले में बंजर पहाड़ियों को हराभरा बनाने के लिए चलाए गए हरित राजस्थान अभियान के अंतर्गत 6 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। यह पर्यावरणीय प्रयास गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ और सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
2009 – उमर अब्दुल्ला बने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह बदलाव राज्य की राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व और नई उम्मीदों का प्रतीक माना गया।
2008 – पाकिस्तान में यूरोपीय संघ का चुनाव पर्यवेक्षण
यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान में चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए अपना चुनाव पर्यवेक्षण अभियान पूर्ण रूप से शुरू किया। यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
2008 – उत्तर प्रदेश में वैट व्यवस्था लागू
उत्तर प्रदेश में वैट अध्यादेश लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम, 1948 समाप्त कर दिया गया। यह कर सुधार राज्य की आर्थिक संरचना में बड़े बदलाव का संकेत था। इसी वर्ष सेल के अनुसंधान केंद्र को गोल्डन पीकाक इनोवेटिव अवार्ड से सम्मानित किया गया।
2007 – संयुक्त राष्ट्र में आशा रोज मिगरो
तंजानिया की विदेश मंत्री आशा रोज मिगरो को संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति वैश्विक कूटनीति में अफ्रीकी नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
2006 – भारत-नेपाल पारगमन संधि
भारत और नेपाल के बीच पारगमन संधि की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाई गई। इससे दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूती मिली।
2003 – अल्जीरिया में हिंसक विद्रोह
अल्जीरिया में विद्रोहियों के हमले में 43 सैनिकों की मृत्यु हुई। यह घटना उस क्षेत्र में लंबे समय से चल रही अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है।
2002 – दक्षेस शिखर सम्मेलन और कूटनीतिक संदेश
काठमांडू में आयोजित दक्षेस शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने भारत से दोस्ती का प्रस्ताव रखा, जिस पर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने स्पष्ट शब्दों में भरोसे की कमी जताई। यह वक्तव्य दक्षिण एशियाई राजनीति में गूंजता रहा।
2000 – पेले बने शताब्दी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल एवं सांख्यिकी महासंघ ने महान फुटबॉलर पेले को “शताब्दी का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी” घोषित किया। यह सम्मान फुटबॉल इतिहास में उनकी अद्वितीय विरासत को अमर करता है।
1999 – खेल और राजनीति में रिकॉर्ड
पेरू में विक्टर जाँय वे प्रधानमंत्री मनोनीत हुए, वहीं ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मार्क टेलर ने 157 कैच पकड़कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह वर्ष राजनीति और खेल दोनों में यादगार रहा।
1993 – समुद्री दुर्घटना और पर्यावरण संकट
करीब 85,000 टन कच्चा तेल ले जा रहा एक टैंकर शेटलैंड द्वीप के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे ने समुद्री प्रदूषण और पर्यावरणीय खतरों पर वैश्विक चिंता बढ़ाई।
1970 – चीन में विनाशकारी भूकंप
चीन के यून्नान प्रांत में 7.7 तीव्रता के भूकंप से लगभग 15,000 लोगों की जान चली गई। यह प्राकृतिक आपदा इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में गिनी जाती है।
1900 – आयरलैंड में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह
आयरलैंड के राष्ट्रवादी नेता जॉन एडवर्ड रेडमोंड ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह किया। यह आंदोलन आयरिश स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण कड़ी बना।
1957 – केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम लागू
भारत में केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम प्रभाव में आया, जिसने अंतर-राज्यीय व्यापार के लिए कर व्यवस्था को संगठित किया।
1671 – शिवाजी महाराज की रणनीतिक विजय
छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुग़लों से सल्हर क्षेत्र पर कब्ज़ा किया। यह विजय मराठा साम्राज्य के विस्तार और सैन्य कौशल का प्रतीक थी।
1659 – खाजवाह का युद्ध
खाजवाह की लड़ाई में औरंगज़ेब ने अपने भाई शाह शुजा को पराजित किया। यह युद्ध मुग़ल उत्तराधिकार संघर्ष का निर्णायक अध्याय बना।
निष्कर्ष
5 जनवरी का दिन हमें यह याद दिलाता है कि इतिहास केवल अतीत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने वाला दर्पण है। हर घटना अपने भीतर सीख, चेतावनी और प्रेरणा समेटे हुए है।

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