Thursday, February 5, 2026
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आधुनिक भारत के निर्माता नेहरू को बदनाम करने की साजिश? कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की विरासत को लेकर हो रहे कथित “अपमान और विकृति” के प्रयासों पर तीखा हमला बोला है। राजधानी दिल्ली स्थित जवाहर भवन में नेहरू सेंटर इंडिया के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति को बदनाम करने का मामला नहीं है, बल्कि देश की वैचारिक, सामाजिक और संवैधानिक नींव पर सीधा प्रहार है।

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सत्ताधारी प्रतिष्ठान का मुख्य उद्देश्य नेहरू की ऐतिहासिक भूमिका को कमतर दिखाना और उनके योगदान को गलत संदर्भों में प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान निर्माण में जवाहरलाल नेहरू की भूमिका निर्णायक रही है, जिसे नकारने या विकृत करने की कोशिश दरअसल इतिहास को फिर से लिखने की एक सुनियोजित साजिश है।

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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्तित्व के विचारों और कार्यों का निष्पक्ष विश्लेषण लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन जानबूझकर तथ्यों में हेरफेर करना, बयान तोड़-मरोड़ कर पेश करना और एकतरफा दृष्टिकोण के जरिए अपमानित करना अस्वीकार्य है। सोनिया गांधी के अनुसार, यह प्रवृत्ति उन ताकतों से प्रेरित है, जिनका न तो स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान रहा और न ही संविधान निर्माण में।

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता थे। वैज्ञानिक सोच, औद्योगिक विकास, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आईआईटी, इसरो, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और पंचवर्षीय योजनाएं उसी सोच की देन हैं, जिसने भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाने की दिशा दी।

सोनिया गांधी ने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास को तथ्यों और प्रमाणों के साथ समझें, न कि राजनीतिक प्रोपेगेंडा के आधार पर। उन्होंने कहा कि आज जब देश में वैचारिक ध्रुवीकरण बढ़ रहा है, तब नेहरू के लोकतांत्रिक, समावेशी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को फिर से समझने की जरूरत पहले से कहीं अधिक है।

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इसे आने वाले समय में एक बड़े वैचारिक विमर्श की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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