ईरान इस समय पिछले कई वर्षों के सबसे गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। देशभर में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को दो हफ्ते से अधिक का समय हो चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इस बढ़ते असंतोष के बीच अमेरिका के संभावित हस्तक्षेप को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
अमेरिकी बयानों, सैन्य ब्रीफिंग्स और कूटनीतिक गतिविधियों ने यह संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन ईरान में सत्ता परिवर्तन की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाने पर विचार कर सकता है। सवाल यह है—क्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान में अमेरिकी सेना उतारने की तैयारी कर रहे हैं?
ये भी पढ़ें – अंधेरे में मौत की दस्तक: खेत और पोखरी के पास तेंदुए का हमला, इलाके में हाई अलर्ट
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन अब केवल आंतरिक असंतोष नहीं रह गए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बनते जा रहे हैं। ट्रंप के बयानों, सैन्य तैयारियों और क्षेत्रीय सहयोगियों की सक्रियता ने यह संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिन मध्य पूर्व के लिए बेहद निर्णायक हो सकते हैं।
ये भी पढ़ें – वीआईपी कल्चर के साए में गोरखपुर महोत्सव, आमजन हाशिये पर
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन से विश्वविद्यालय…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस ने जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के बड़े नेटवर्क…
सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस पार्टी ने संगठन को मजबूत करने तथा श्रमिकों और मजदूरों…
सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। आदर्श नगर पंचायत सिकंदरपुर द्वारा नगर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने…
भाजपा संगठन के भरोसेमंद रणनीतिकार बने नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, जिले में हर्ष ✍️ नवनीत मिश्र…
कोपागंज/मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। आचार्य चाणक्य जयंती के अवसर पर विश्व ब्राह्मण दिवस का आयोजन…