ईरान में इस्लामिक सत्ता के खिलाफ उबाल: दमन के बीच शांत हुए विरोध, अंतरराष्ट्रीय दबाव तेज

तेहरान (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)ईरान में इस्लामिक सत्ता को खुली चुनौती देने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को धीरे-धीरे शांत होते दिखाई दिए, लेकिन हालात अब भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। बीते एक सप्ताह से ईरानी प्रशासन ने देश को लगभग पूरी तरह बाहरी दुनिया से काट दिया था और सुरक्षा बलों के जरिये कठोर दमन अभियान चलाया गया। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,615 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसने वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

ये भी पढ़ें – शिव और मोक्ष: शास्त्रों में वर्णित मुक्ति का परम रहस्य

तेहरान समेत कई बड़े शहरों में हालिया दिनों में सड़कों पर जले वाहनों या हिंसा के ताजा निशान नजर नहीं आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय शहर अपेक्षाकृत सामान्य दिखे, हालांकि भय और तनाव का माहौल अब भी कायम है। इसी बीच सरकारी मीडिया लगातार गिरफ्तारियों की जानकारी दे रहा है। ईरानी अधिकारी उन लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिन्हें वे “आतंकवादी तत्व” बता रहे हैं, साथ ही स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट डिश की तलाश भी तेज कर दी गई है, जो प्रतिबंधों के बावजूद सूचनाएं बाहर पहुंचाने का माध्यम बनी हुई हैं।
न्यायपालिका से जुड़े मिजान समाचार एजेंसी के मुताबिक, न्याय मंत्री अमीन हुसैन रहीमी ने कहा कि “आठ जनवरी के बाद से हालात पूर्ण युद्ध जैसे हैं” और इसमें शामिल हर व्यक्ति को अपराधी माना जाएगा। इस बयान से सरकार के सख्त रुख का संकेत मिलता है।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आरोप में कई ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जी-7 देशों और यूरोपीय संघ ने भी अतिरिक्त आर्थिक और कूटनीतिक प्रतिबंधों पर विचार शुरू कर दिया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान की स्थिति पर आपात बैठक बुलाई है।

ये भी पढ़ें – पटना गर्ल्स हॉस्टल छात्रा मौत मामला: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बढ़ी सनसनी, यौन उत्पीड़न की आशंका ने बदली जांच की दिशा

इस बीच, ईरान ने बिना कारण बताए कई घंटों के लिए अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया। भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव कम होने के संकेत दिए हों, लेकिन ईरान विरोध प्रदर्शन और उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बनी रहेगी।

Editor CP pandey

Recent Posts

हिंदी विभाग को मिला नया नेतृत्व: प्रो. विमलेश मिश्र ने संभाली विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा…

5 hours ago

कुर्थीजाफरपुर : चेयरमैन के रिश्तेदारों को हुआ आवासीय पट्टा 39 साल बाद रद्द

जिलाधिकारी ने दिया कब्जा हटाने का आदेश मऊ (राष्ट्र की परम्परा) जनपद के कुर्थीजाफरपुर नगर…

7 hours ago

होमगार्ड्स एनरोलमेंट–2025 परीक्षा का निरीक्षण, डीएम-एसपी ने परखी व्यवस्थाएं

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी द्वारा…

7 hours ago

निंदा छोड़ें, आत्मचिंतन अपनाएं: यही है श्रेष्ठता का मार्ग

गोंदिया, महाराष्ट्र।“न विना परवादेन रमते दुर्जनोजन:। काक: सर्वरसान भुक्ते विनामध्यम न तृप्यति।।“अर्थात् दुष्ट व्यक्ति बिना…

7 hours ago

विकसित भारत का लक्ष्य विश्व मानवता की सुरक्षा का उद्घोष: प्रो. राजशरण शाही

शैक्षिक उन्नयन एवं सामाजिक परिवर्तन के लिए पुरातन छात्रों की भूमिका सराहनीय: कुलपति शिक्षाशास्त्र विभाग…

7 hours ago

वृद्धावस्था में मानसिक स्वास्थ्य सबसे बड़ी चुनौती: संवेदनशील समाज और पारिवारिक सहयोग की आवश्यकता- प्रो. आदेश अग्रवाल

एलुमनी मीट में गूंजा मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा, वृद्धजनों के सम्मान पर बल गोरखपुर (राष्ट्र…

8 hours ago