सड़क सुरक्षा माह में परिवहन विभाग का सघन प्रवर्तन, 10 रूट बसों की जांच, 3 का चालान

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति आमजन व वाहन चालकों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनपद मऊ में परिवहन विभाग द्वारा सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान मार्गों पर संचालित रूट बसों की गहन जांच की गई और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) के निर्देशन में 24 जनवरी 2026 को यह विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 10 रूट बसों को रोककर उनके दस्तावेज, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, चालक लाइसेंस तथा सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान 3 रूट बसें सड़क सुरक्षा नियमों के विपरीत संचालित पाई गईं, जिनमें आवश्यक दस्तावेजों की कमी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और तकनीकी खामियां सामने आईं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की गई।

प्रवर्तन के साथ-साथ बस चालकों और परिचालकों को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, यातायात नियमों का पूर्ण पालन करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी गई। अधिकारियों ने बताया कि तेज गति, ओवरलोडिंग, वाहन की खराब स्थिति और सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती है, इसलिए इनसे बचना बेहद आवश्यक है।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा माह का मुख्य उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम है। इस विशेष अभियान में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), प्रवर्तन पर्यवेक्षक, प्रवर्तन सिपाही एवं प्रवर्तन चालक सहित पूरी टीम मौजूद रही, जिसने अनुशासन और पारदर्शिता के साथ जांच प्रक्रिया को संपन्न कराया।

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए सड़क सुरक्षा माह को गंभीरता से मनाया जा रहा है। अधिकांश दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं, जिन्हें नियमों के पालन और जागरूकता से काफी हद तक रोका जा सकता है। बस संचालकों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में नियमों की अनदेखी पाए जाने पर चालान के साथ-साथ परमिट निरस्तीकरण, वाहन सीज और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

साथ ही यह निर्देश भी दिए गए कि सभी रूट बसें निर्धारित क्षमता के अनुसार यात्रियों को बैठाएं, वाहनों की नियमित फिटनेस जांच कराएं, चालक वैध लाइसेंस के साथ पर्याप्त विश्राम की स्थिति में हों और फायर सिलेंडर, इमरजेंसी गेट व फर्स्ट एड बॉक्स जैसे सभी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से रखें।

परिवहन विभाग ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत प्रवर्तन और जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में अन्य सार्वजनिक और निजी वाहनों की भी जांच की जाएगी, ताकि सड़क पर चलने वाला प्रत्येक वाहन सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हो। प्रशासन का मानना है कि वाहन चालक, संचालक और यात्री—तीनों यदि अपनी जिम्मेदारी समझें, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

rkpNavneet Mishra

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