सहजनवा-दोहरीघाट रेल परियोजना को गति देने के निर्देश, सीआरओ हिमांशु वर्मा ने अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वी उत्तर प्रदेश की बहुप्रतीक्षित सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) हिमांशु वर्मा ने परियोजना से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक कर प्रगति की जानकारी ली। बैठक में रेलवे, पीडब्ल्यूडी, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी समेत संबंधित कर्मचारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान सीआरओ ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण किया जाए ताकि परियोजना कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-स्वामियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए और रजिस्ट्री में आने वाली तकनीकी अड़चनों को तत्काल दूर किया जाए।

सीआरओ हिमांशु वर्मा ने कहा कि सहजनवा-दोहरीघाट रेल लाइन परियोजना पूर्वांचल के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने पर गोरखपुर से मऊ के बीच रेल संपर्क बेहतर होगा और वाराणसी की दूरी लगभग 30 किलोमीटर कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से न केवल परिवहन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

सीआरओ ने स्पष्ट किया कि रेलवे और पीडब्ल्यूडी अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें और सभी विभाग एक साझा कार्ययोजना तैयार करें ताकि भूमि अधिग्रहण, सर्वेक्षण और निर्माण कार्य समय पर पूर्ण हो सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग नियत अंतराल पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल उन्हें दी जाए।

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परियोजना के अंतर्गत लगभग 81 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर लगभग 1320 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना के तहत 12 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें सहजनवा, उरुवा बाजार, बार्हापार, दुबौली और दोहरीघाट प्रमुख हैं। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण एवं सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है, और लक्ष्य वर्ष 2027 तक परियोजना को पूर्ण करना है।

रेल अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के पूरा होने से न केवल सहजनवा-दोहरीघाट के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। इससे क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों ने निर्धारित समय सीमा में परियोजना पूर्ण करने का संकल्प लिया। सीआरओ हिमांशु वर्मा ने कहा कि यह परियोजना गोरखपुर मंडल के लिए मील का पत्थर साबित होगी और सरकार की प्राथमिक विकास योजनाओं में शामिल है।

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Karan Pandey

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