नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)गुरुवार को भारत ने रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम (Agni-Prime) मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया। यह मिसाइल अगली पीढ़ी की उन्नत मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जो लगभग 2,000 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखती है और अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है।
🔹 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा –
यह परीक्षण विशेष रूप से तैयार की गई रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से अपनी तरह का पहला प्रक्षेपण है।
इस प्रणाली की सबसे खास बात यह है कि यह रेल नेटवर्क पर चलते हुए भी बेहद कम समय और कम दृश्यता में प्रतिक्रिया करने में सक्षम है।
इस सफलता ने भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया है, जिन्होंने चलते-फिरते रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम विकसित किया है।
इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/durga-pandal-accident-two-innocent-children-electrocuted-lost-their-lives-while-playing/
🔹 रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ, सामरिक बल कमान (SFC) और सशस्त्र बलों को बधाई दी।
📌 इससे पहले अगस्त 2025 में ओडिशा के चांदीपुर से अग्नि-प्राइम का सफल परीक्षण किया गया था।
📌 मार्च 2024 में ‘मिशन दिव्यास्त्र’ के तहत अग्नि-5 का सफल परीक्षण हुआ था, जिसमें MIRV तकनीक (एक साथ कई स्वतंत्र लक्ष्यों को साधने की क्षमता) का प्रदर्शन किया गया।
🚆 यह तकनीक भारत की स्ट्रेटेजिक डिटरेंस क्षमता को और मजबूत बनाती है।
