Sunday, November 30, 2025
HomeUncategorizedभारत को चाहिए नेतृत्व दिखाने की हिम्मत: सोनिया गांधी का इजराइल-फलस्तीन संघर्ष...

भारत को चाहिए नेतृत्व दिखाने की हिम्मत: सोनिया गांधी का इजराइल-फलस्तीन संघर्ष पर चेतावनी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की दिशा पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने एक बार फिर सवाल उठाया है। उन्होंने हाल ही में इजराइल-फलस्तीन संघर्ष को लेकर केंद्र सरकार की “गहरी चुप्पी” और व्यक्तिगत कूटनीति पर आधारित फैसलों की कड़ी आलोचना की है। गांधी ने कहा कि भारत को अपने नैतिक और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए, न कि केवल व्यक्तिगत मित्रता या राजनीतिक संबंधों के चलते कदम उठाने चाहिए।

इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/serious-allegations-against-nagina-mp-viral-videos-and-photos-on-social-media-create-sensation-verification-still-pending/

सोनिया गांधी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विश्व के 193 सदस्य देशों में से अब तक 150 से अधिक देशों ने फलस्तीन को औपचारिक रूप से मान्यता दे दी है। उन्होंने भारत के ऐतिहासिक योगदान को भी याद दिलाया, जब 18 नवंबर 1988 को भारत ने फलस्तीनी राज्य को पीएलओ के माध्यम से आधिकारिक मान्यता दी थी। गांधी ने उदाहरण देते हुए बताया कि भारत ने रंगभेद के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में आवाज उठाई और अल्जीरिया की स्वतंत्रता संग्राम (1954-62) में सक्रिय समर्थन दिया।

सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि भारत ने 1971 में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में नरसंहार रोकने के लिए निर्णायक कदम उठाए, जिससे आधुनिक बांग्लादेश का निर्माण संभव हुआ। अब इजराइल-फलस्तीन संकट के बीच भारत को फिर से एक संवेदनशील, न्यायपूर्ण और मानवाधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध रुख अपनाते हुए वैश्विक नेतृत्व दिखाने की जरूरत है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments