
इस्लामाबाद/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने बुधवार को पाकिस्तान सरकार को आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि भारत ने कई नदियों में अतिरिक्त पानी छोड़ा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।
भारतीय उच्चायोग ने चेतावनी दी है कि 27 अगस्त को रावी, चिनाब और सतलुज नदियों में भारी बाढ़ का खतरा है। इसके अलावा, तवी नदी में भी जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की उच्च संभावना जताई गई है। अलर्ट में कहा गया है कि उत्तर भारत में लगातार भारी वर्षा के चलते प्रमुख बांधों के गेट खोलने पड़े हैं, जिससे अतिरिक्त जल छोड़ा गया है।
गौरतलब है कि सिंधु जल संधि के तहत दोनों देशों के बीच नियमित रूप से जलविज्ञान संबंधी डेटा का आदान-प्रदान किया जाता रहा है। हालांकि, मौजूदा हालात में यह प्रक्रिया स्थगित है। इसके बावजूद भारत ने मानवीय आधार पर पाकिस्तान को समय-समय पर बाढ़ अलर्ट जारी किए हैं।
विदेश मंत्रालय के माध्यम से भेजे गए इन अलर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान को संभावित आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। पहला अलर्ट सोमवार को, उसके बाद मंगलवार और बुधवार को भी चेतावनियाँ पाकिस्तान को दी गईं।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है। भारत की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह जानकारी मानवीय सहयोग के दृष्टिकोण से साझा की जा रही है ताकि पड़ोसी देश समय रहते राहत एवं बचाव कार्य की तैयारी कर सके। संभावित प्रभाव: पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। वहां की प्रशासनिक इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।