Thursday, January 15, 2026
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अमेरिका की गैरहाज़िरी के बीच भारत बना वैश्विक नेतृत्व का केंद्र

G20 दक्षिण अफ्रीका शिखर सम्मेलन 2025


G20 दक्षिण अफ्रीका शिखर सम्मेलन 2025 ने वैश्विक राजनीति की बदलती दिशा को स्पष्ट कर दिया है। यह वह क्षण था जब परंपरागत महाशक्ति अमेरिका पूरी तरह अनुपस्थित रही और भारत ने अपने नेतृत्व, सक्रिय भूमिका और संतुलित कूटनीति से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति की गैर-हाज़िरी केवल प्रोटोकॉल त्रुटि नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरण का संकेत थी। दक्षिण अफ्रीका द्वारा जूनियर अमेरिकी प्रतिनिधि को मंच न सौंपना अमेरिकी प्रभाव में आई गिरावट का प्रतीक माना गया। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री का यह कथन कि “दुनिया अमेरिका के बिना भी आगे बढ़ सकती है” अंतरराष्ट्रीय राजनीति के नए युग का खुला संदेश बन गया।
मोदी की सक्रिय कूटनीति ने भरा अमेरिका द्वारा छोड़ा गया खालीपन
जहाँ अमेरिका नज़र नहीं आया, वहाँ भारत की सक्रिय मौजूदगी ने G20 के एजेंडा को नया स्वर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IBSA से लेकर G20 तक, हर मंच पर ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज़ को मजबूती दी। UNSC सुधार, आतंकवाद पर दोहरे मानदंड और विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को उन्होंने स्पष्ट और दृढ़ता से रखा।
प्रधानमंत्री मोदी की लगातार द्विपक्षीय बैठकों ने यह सुनिश्चित किया कि भारत अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करने वाली शक्ति के रूप में पहचाना जाए।
जापान, इटली और दक्षिण अफ्रीका के साथ साझेदारी को मिली नई गति
जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ मुलाकात से AI, सेमीकंडक्टर, रक्षा और इंडो-पैसिफिक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिली।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ India–Italy Initiative to Counter Terror Financing का अपनाया जाना भारत की वैश्विक आतंकवाद-रोधी भूमिका को और मजबूत करता है।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा के साथ वार्ता में दोनों देशों ने ग्लोबल साउथ की साझा नेतृत्व भूमिका को पुनः स्थापित किया।
AI Impact Summit 2026: भारत तय करेगा भविष्य का टेक एजेंडा
G20 के तकनीकी सत्र में मोदी द्वारा प्रस्तुत मानव-केंद्रित AI विज़न ने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में तकनीक का मानवीय, समावेशी और सुरक्षित उपयोग ही भारत की प्राथमिकता होगा। 2026 में भारत की मेज़बानी में होने वाला AI Impact Summit अब वैश्विक एजेंडा-सेटिंग आयोजन माना जा रहा है।
भारत बने नई विश्व व्यवस्था का मार्गदर्शक

G20 दक्षिण अफ्रीका शिखर सम्मेलन 2025 ने जहां अमेरिका की घटती भूमिका को उजागर किया, वहीं यह भी साबित किया कि भारत अब एक स्थिर, विश्वसनीय और दूरदर्शी नेतृत्व का केंद्र बन चुका है। विश्व मंच पर भारत की बात सुनी भी जाती है, उस पर भरोसा भी किया जाता है—यही 21वीं सदी में भारत के उदय की सबसे बड़ी पहचान है।

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