Monday, February 23, 2026
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बिहार में जमीन रजिस्ट्री पर इनकम टैक्स की बड़ी कार्रवाई, 57 सब-रजिस्ट्रार को नोटिस, कैश लेनदेन पर सवाल

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में जमीन रजिस्ट्री से जुड़े मामलों में इनकम टैक्स विभाग की सख्ती अब साफ नजर आने लगी है। उत्तर बिहार में बड़े पैमाने पर कैश के जरिए जमीन रजिस्ट्री किए जाने के खुलासे के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 11 जिलों के 57 सब-रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया है। विभाग को आशंका है कि जमीन की खरीद-बिक्री में नकद लेनदेन के माध्यम से काले धन को खपाया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, उत्तर बिहार में करीब 95 प्रतिशत जमीन रजिस्ट्री कैश में हो रही है। यह स्थिति सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और आयकर नियमों के सीधे उल्लंघन की ओर इशारा करती है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि पैन कार्ड या फॉर्म-60 के बिना कई रजिस्ट्रेशन किए गए, जिससे इनकम टैक्स विभाग को खरीदार और विक्रेता की सही जानकारी नहीं मिल सकी।

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इन अनियमितताओं के चलते 2552 जमीन रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया गया है। कटरा, कांटी, मुजफ्फरपुर, मोतीपुर सहित कई प्रखंडों में नियमों की अनदेखी कर रजिस्ट्रेशन किए जाने के प्रमाण मिले हैं। फॉर्म-60 का गलत इस्तेमाल, फर्जी पैन नंबर दर्ज करना या पूरी तरह पैन विवरण छुपाना इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है।
इनकम टैक्स विभाग का मानना है कि इस तरह की प्रक्रियाएं न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि जमीन माफियाओं और दलालों को भी बढ़ावा देती हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार भी एक्शन मोड में है। मंत्री विजय सिन्हा पहले ही साफ कर चुके हैं कि जमीन से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और फर्जी दस्तावेजों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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यह कार्रवाई बिहार में जमीन रजिस्ट्री सिस्टम को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है और आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

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