बाढ़ से सुरक्षा हेतु नदियों के किनारे स्थित सभी तटबंधों का किया जाए जल्द से जल्द मरम्मतः डीएम
जनपद के सभी प्रमुख नालों की हो सफाई
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में बाढ़ स्टेयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी मानसून के दृष्टिगत बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरती जाये।
जिलाधिकारी ने बताया कि रुद्रपुर तहसील के 52 गांव और बरहज के 14 गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किए गए हैं। बाढ़ से सुरक्षा हेतु इन नदियों के किनारे 40 तटबंध निर्मित हैं। राप्ती और गोर्रा नदियों के प्रमुख बन्धों की ससमय मरम्मत कर ली जाए। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14 नई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। डीएम ने इन सभी परियोजनाओं को 30 जून से पहले पूर्ण करने का निर्देश दिया। बाढ़ चौकियों को तीन कैटेगरी में विभाजित कर लिया जाए और वहां विगत वर्षों के विस्थापितों की संख्या के आधार पर शौचालय, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाए। नाव मालिकों, नाविकों और गोताखोरों की सूची तैयार कर ली जाए। बाढ़ के दौरान पेयजल की समस्या के समाधान हेतु समय रहते इलाके के इंडिया मार्का हैंडपंप को इंडिया मार्का प्लेटफार्म के माध्यम से ऊंचा किया जाए। पशुपालन विभाग पशुओं के लिए टीका दवा एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करे। रुद्रपुर तहसील में 15 गांव नदी और बंधे के बीच हैं। इन पर विशेष ध्यान दिया जाए। बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी संसाधन एवं आवश्यक संपर्क नंबर के फ्लेक्सी बैनर पंचायत घर एवं स्कूलों में लगाये जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी प्रमुख नालों की सफाई करा ली जाए, जिससे बारिश का पानी निर्बाध रूप से निकल जाए। जिलाधिकारी ने सीएमओ डॉ राजेश झा को एंटी स्नेक वेनम, सहित विभिन्न आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष के अनुभव के आधार पर बाढ़ के दौरान जिन-जिन समस्याओं से आमजन को रूबरू होना पड़ता है, उनकी लिस्टिंग करके अभी से तैयारी शुरू की जाए, जिससे बाढ़ जैसी अप्रिय स्थिति में जनता को न्यूनतम असुविधा हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, सीएमओ डॉ राजेश झा, डीएफओ जगदीश आर, एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, एएसपी डॉ राजेश सोनकर, एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ला, एसडीएम योगेश कुमार गौड़, अधिशासी अभियंता बाढ़ एनके जाडिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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