पाइप बिछाने के नाम पर सड़कों की दुर्दशा, राहगीरों कि जान पर बनी

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)विकासखंड बेलहरी के विभिन्न गांवों में जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइप बिछाने के नाम पर सड़कों की दुर्दशा हो गई है। नवनिर्मित पीच सड़कें, सिमेंटेड सड़कें, खड़ंजे और पाथवे को जेसीबी से खोदकर पाइप लाइन तो डाल दी गई, लेकिन पाइप बिछाने के बाद सड़कों को पूर्ववत ठीक करने की जिम्मेदारी पूरी तरह नजरअंदाज कर दी गई।

बरसात के मौसम में इन टूटी सड़कों पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है, लेकिन ग्रामीणों की मजबूरी है कि उन्हें इन्हीं रास्तों से गुजरना पड़ता है। क्षेत्र की अधिकांश सड़कें कई महीनों से जर्जर पड़ी हुई हैं और इनकी मरम्मत कब होगी, यह कोई नहीं जानता।

सीताकुंड-चैनछपरा मार्ग पर गंभीर संकट
बानगी के तौर पर सीताकुंड-चैनछपरा मार्ग, जो हरिहरपुर, रेपुरा, चैनछपरा, राजपुर और नेमछपरा सहित पांच-छह गांवों का इकलौता संपर्क मार्ग है, की हालत अत्यंत खराब है। पाइप लाइन डालने के लिए जेसीबी से खुदाई करने के बाद महीनों बीत जाने पर भी ठेकेदार ने सड़क की मरम्मत नहीं कराई।

बरसात के चलते सड़क पर कीचड़ और गड्ढे भर गए हैं, जिससे मोटरसाइकिल और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद सड़कों के पुनर्निर्माण का कार्य नहीं हुआ।

ग्रामीणों का आक्रोश
ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने जिला अधिकारी बलिया से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने तत्काल सड़क की मरम्मत और जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है।

Editor CP pandey

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