Saturday, March 14, 2026
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धार्मिक स्थलों के पास अवैध मांस और शराब बिक्री, जनस्वास्थ्य पर गहराता खतरा

देवरिया: आस्था के मार्ग पर अवैध मांस मंडी, जनस्वास्थ्य और धार्मिक भावनाओं से हो रहा खुला खिलवाड़


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सुप्रसिद्ध मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं का शिकार है। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र यह मार्ग अब अवैध मांस बिक्री और खुले में पशु वध का अड्डा बन चुका है। परशुराम चौराहा से मंदिर तक जाने वाली सी.सी. रोड पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे न केवल धार्मिक मर्यादाएं आहत हो रही हैं बल्कि जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर संकट मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बीनू मार्बल के सामने मुख्य सड़क पर बांस गाड़कर पशुओं का वध किया जा रहा है। सड़क पर खून, मांस के अवशेष और गंदगी फैली रहती है, जिससे वहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह दृश्य सनातन आस्था से जुड़े लाखों भक्तों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचा रहा है।

खुले में मांस कटान और अवैध बिक्री के कारण पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल गई है। गंदगी के उचित निस्तारण की कोई व्यवस्था न होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का इस मार्ग से निकलना दूभर हो गया है। मंदिर के आसपास स्वच्छता और पवित्रता का वातावरण समाप्त होता जा रहा है।
सबसे चिंताजनक पहलू प्रशासन की चुप्पी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खुले में मांस बिक्री और अवैध पशु वध पर स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद देवरिया में इन आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। आरोप है कि संबंधित विभागों की शह पर न केवल मांस कटान जारी है, बल्कि मंदिरों और स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में कंपोजिट शराब की दुकानें भी संचालित हो रही हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
क्षेत्रीय जनता ने मांग की है कि मंदिर मार्ग से तत्काल अवैध मांस दुकानों को हटाया जाए, खुले में पशु वध करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो और क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। श्रद्धा के मार्ग पर फैली गंदगी और खून के धब्बे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि आस्था का सीधा अपमान हैं।

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