IIT Patna Research: सुल्तानपुर के डॉ. सौरभ शुक्ला का कमाल, नीदरलैंड जर्नल में चयनित हुआ शोध

सुल्तानपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के जनपद सुल्तानपुर विवेक नगर निवासी स्वर्गीय उमेश चंद्र शुक्ला के सुपुत्र डॉ. सौरभ शुक्ला ने शोध के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर जिले और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। आईआईटी पटना से जुड़े शोधार्थी डॉ. शुक्ला का शोध जर्नल ऑफ कंस्ट्रक्शनल स्टील रिसर्च, नीदरलैंड में चयनित हुआ है। उनकी इस सफलता से परिवारजनों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।

बताया जाता है कि जर्नल ऑफ कंस्ट्रक्शनल स्टील रिसर्च सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में संरचनात्मक स्टील अनुसंधान तथा उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर नवीनतम विकासों की प्रस्तुति और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच माना जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित जर्नल में शोध का चयन होना स्वयं में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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डॉ. सौरभ शुक्ला के चयनित शोध का विषय है — “अग्नि की स्थिति में छिद्रयुक्त प्लेट गर्डर का विश्वसनीयता-आधारित व्यवहार एवं डिजाइन प्रस्ताव”। इस शोध में एक एकीकृत डिजाइन पद्धति प्रस्तुत की गई है, जिसमें तापमान तथा विन्यास-निर्भर समायोजन गुणांकों का उपयोग करते हुए शीयर स्ट्रेंथ कमी गुणांकों के आकलन के लिए एक सामान्यीकृत समीकरण विकसित किया गया है। यह शोध संरचनात्मक अग्नि अभियांत्रिकी और स्टील संरचनाओं के सुरक्षित डिजाइन के क्षेत्र में उपयोगी माना जा रहा है।

डॉ. शुक्ला ने न केवल अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, बल्कि वे अपने शोध को वैश्विक शैक्षणिक मंचों पर भी प्रस्तुत कर चुके हैं। उन्होंने अपना शोध SDSS 2025 (Stability and Ductility of Steel Structures 2025) जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी प्रस्तुत किया, जो बार्सिलोना, स्पेन में आयोजित हुआ था। यह सम्मेलन स्टील संरचनाओं की स्थिरता और डक्टिलिटी पर केंद्रित विश्व के प्रमुख और पुराने सम्मेलनों में गिना जाता है।

डॉ. सौरभ शुक्ला के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र चयनित हो चुके हैं तथा उन्हें विभिन्न पुरस्कार और सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर माता-पिता सहित पूरे परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोगों ने इसे जनपद सुल्तानपुर के लिए गर्व का विषय बताया है। डॉ. शुक्ला की यह सफलता युवा शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

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Karan Pandey

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