रायगढ़/ महाराष्ट्र(राष्ट्र की परम्परा)
मंगलवार को गांव की पंढरपुर पालखी यात्रा में गांव के सभी भक्तगण कांधे पर पालकी उठाये, पैदल यात्रा में शामिल हुए, और विट्ठल का जयकारा लगाते हुए पंढरपुर के लिए रवाना हुए।ठाणे महाराष्ट्र और आईडीयल जनरलिस्ट एसोसिएशन की ओर से सभी समर्पित भक्तगणों को ठाणे जिला सचिव प्रकाश कृष्ण नलावडे द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
इस तीर्थ यात्रा को ग्रामीणों द्वारा पिछले 50 वर्षों से परम्परागत रूप विधि विधान के साथ किया जा रहा है। गुरुदेव तपोनिधि, गणेशनाथ महाराज के आदेश पर ग्रामीण पिछले कई वर्षों से यह सेवा करते आ रहे हैं। गुरुवर्य अरविंदनाथ महाराज (शोधकर्ता स्वयंभू शिवथर घाल श्रीक्षेत्र रामदास पठार) के मार्गदर्शन में पवित्र शिवथर, घाल, पालखी, सोहला से बड़े आनन्द के साथ पंढरपुर की ओर बढ़ती है।
इस परम्परा की शुरुआत गुरुदेव गणेशनाथ महाराज के मार्गदर्शन में विठोबा नलवडे, कै. श्रीकृष्ण (बापू) नलवडे, कै. तुकाराम बुआ दिघे, कै. हरिबुवा पवार, कै. जेनु जाधव और है. भ. प.सखाराम बुवा कदम के द्वारा हुई। और आज इस परम्परा को आगे बढ़ाने में सुंदर नलवड़े, शांताराम कदम, परशुराम नलवड़े, परशुराम अमकर, दत्ताराम अमकर, शशिकांत नलवड़े, कृष्ण जाधव, विशाल नलवड़े का महत्वपूर्ण योगदान हैं। जबकि गणेश नाथ स्वास्थ्य संस्थान के अध्यक्ष अरविंदनाथ महाराज के मार्गदर्शन में इस यात्रा को जारी रखा गया है। गाँव के सभी भक्तगणों का कहना है कि ऐसी परम्परा जारी रहे और श्रीपांडुरंग हमें शक्ति प्रदान करें।
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