भावी पीढ़ी को बचाने के संकल्प के साथ विश्वविद्यालय में निःशुल्क टीकाकरण अभियान जारी
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय लगातार प्रयासरत है। महामहिम कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और कुलपति प्रो. पूनम टंडन के दिशा-निर्देशन में बुधवार को एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के दूसरे चरण का आयोजन किया गया।
यह निःशुल्क टीकाकरण महिला अध्ययन केंद्र एवं हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में गृह विज्ञान विभाग परिसर में सम्पन्न हुआ। एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के टीके से बच्चों को कैंसर से बचाने की इस पहल को लेकर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा,
“एचपीवी का टीका हमारे कैंसर से बचाव की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसके जरिए हम भविष्य में कैंसर का बोझ घटाने और जानें बचाने की उम्मीद करते हैं।”
विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन 11 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों को सबसे प्रभावी सुरक्षा देती है। वैक्सीनेशन से पहले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। टीकाकरण की प्रक्रिया ए.पी. सिंह की देखरेख में सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम में महिला अध्ययन केंद्र की निदेशिका प्रो. दिव्या रानी सिंह, मुख्य नियंता प्रो. विनय सिंह, डॉ. शिखा सिंह (अंग्रेजी विभाग), डॉ. अनुपम कौशिक, डॉ. नीता सिंह (गृह विज्ञान विभाग), डॉ. प्रीति गुप्ता (रसायन विभाग) समेत विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि इस अभियान का पहला चरण 30 मई को हॉल में आयोजित किया गया था। विश्वविद्यालय द्वारा यह वैक्सीनेशन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित टीके से कराया जा रहा है, जो सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ अन्य प्रकार के कैंसर से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
इस अवसर पर कुलपति ने छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और समाज को टीकाकरण के प्रति जागरूक होने की अपील की।
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