Saturday, January 24, 2026
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काशी कैसे बनी भारत की अर्थव्यवस्था में 1.3 लाख करोड़ का योगदान देने वाली आध्यात्मिक राजधानी-योगी

काशी का अभूतपूर्व पुनरुत्थान: पीएम मोदी के नेतृत्व में 55,000 करोड़ की योजनाओं से वैश्विक धरोहर बनी शाश्वत नगरी

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 से 11.5 वर्षों में काशी ने अभूतपूर्व पुनरुत्थान देखा है। उन्होंने कहा कि काशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का शाश्वत केंद्र है।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि काशी की प्राचीन आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित रखते हुए इसे एक आधुनिक वैश्विक धरोहर शहर के रूप में विकसित करने के लिए 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की व्यापक विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाना और काशी की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों का सीधा प्रभाव यह पड़ा है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। काशी आज धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बन चुकी है, जिससे राष्ट्रीय जीडीपी में लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान हो रहा है। यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था के लिए गर्व की बात है।

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योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि काशी “अविनाशी” है और इसकी आत्मा को छेड़ा नहीं गया, बल्कि उसे और सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में काशी को जिस स्तर का सम्मान और विकास मिलना चाहिए था, वह लंबे समय तक नहीं मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व काशी को मिलना सौभाग्य की बात है, क्योंकि उन्होंने शुरू से ही कहा कि काशी के प्राचीन स्वरूप को संरक्षित रखते हुए इसे विश्व के सामने नए रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि एआई वीडियो के माध्यम से दुष्प्रचार कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है और सनातन की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने मणिकर्णिका घाट से जुड़े मंदिरों को लेकर स्पष्ट किया कि सभी मंदिर परियोजना के संरक्षण का हिस्सा हैं और घाट निर्माण के बाद वे और अधिक सुरक्षित होंगे।

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उद्घाटन समारोह के दौरान योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी की खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाली पहलों की भी सराहना की और कहा कि इससे युवाओं को नई दिशा और ऊर्जा मिल रही है।

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