भीषण ठंड व कोहरे से फसलों की सुरक्षा के लिए उद्यान विभाग की किसानों को सलाह

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ में विगत 15 दिनों से पड़ रही भीषण ठंड और घने कोहरे को देखते हुए उद्यान विभाग ने किसानों को सब्जियों, आलू, फल एवं फूलों की फसलों की सुरक्षा हेतु आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि मौजूदा मौसम में फसलों में रोग एवं कीटों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।उन्होंने बताया कि सब्जी वर्गीय फसलों, विशेषकर टमाटर व मिर्च में विषाणु रोग का प्रकोप देखा जा रहा है, जो सफेद मक्खी एवं हापर कीट के माध्यम से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए फिप्रोनिल 5 प्रतिशत अथवा इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।जनपद में लगभग 300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती की गई है। ठंड एवं कोहरे के कारण आलू की फसल में झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है। इसके नियंत्रण हेतु मैन्कोजैब, प्रोपीनेब या कार्बेन्डाजिम युक्त फफूंदनाशी दवाओं का 2 से 2.5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। जिन खेतों में रोग का प्रकोप हो चुका है, वहां सायमोक्सेनिल एवं मैन्कोजैब मिश्रित दवा का 16-16 दिन के अंतराल पर छिड़काव करने को कहा गया है।विकासखंड परदहां, रानीपुर एवं मुहम्मदाबाद में गोभी वर्गीय फसलों में डायमंड बैक मॉथ का प्रकोप बढ़ने की संभावना जताई गई है। इससे बचाव हेतु क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 0.5 से 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।आम एवं अमरूद बागवानी करने वाले किसानों को बागों की जुताई, पुरानी शाखाओं की कटाई-छटाई तथा कीट-रोग नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय अपनाने को कहा गया है। आम में मिलीबग, डाइबैक रोग एवं गोंद निकलने की समस्या से बचाव के लिए पॉलीथीन बैंडिंग, कॉपर सल्फेट एवं अनुशंसित दवाओं के प्रयोग की सलाह दी गई है। वहीं अमरूद में छाल खाने वाली इल्ली के नियंत्रण हेतु क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल के छिड़काव की अनुशंसा की गई है।फूलों की व्यावसायिक खेती करने वाले किसानों को गुलाब एवं ग्लेडियोलस फसलों में सिंचाई, निराई-गुड़ाई तथा रोग नियंत्रण हेतु समय-समय पर दवाओं के प्रयोग की सलाह दी गई है।जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि रबी मौसम की सभी शाकभाजी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन के तहत नीम सीड कर्नल एक्सट्रैक्ट का 10 से 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव लाभकारी रहेगा। यदि किसी किसान को फसल से संबंधित कोई विशेष समस्या हो तो वे कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी या कृषि रक्षा अधिकारी, मऊ के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

जम्मू-कश्मीर के डोडा में SOG और युवक के बीच झड़प, युवक की मौत; तीन जवान घायल, भद्रवाह में इंटरनेट सेवा निलंबित

डोडा/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार देर रात स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप…

4 hours ago

जम्मू-कश्मीर: सांबा के आसमान में 9 सेकेंड तक दिखी रहस्यमयी रोशनी, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

सांबा/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सोमवार रात करीब 9 बजे आसमान…

4 hours ago

बहराइच: नवाबगंज में सेंध लगाकर लाख रुपये के जेवरात व नकदी चोरी, पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद बहराइच के थाना नवाबगंज क्षेत्र में चोरी की एक और…

4 hours ago

एनएचआई से वार्ता के बाद कपरवार सेतु पर दोपहिया वाहनों का आवागमन शुरू

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)राप्ती नदी पर स्थित कपरवार सेतु पर सुरक्षा कारणों से वाहनों के आवागमन…

21 hours ago

अनियमित यात्रा की रोकथाम के लिए सघन टिकट अभियान

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति…

21 hours ago

एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह का सख्त संदेश—लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

पहले ही दिन फरियादियों की सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)सदर…

21 hours ago