Saturday, February 21, 2026
Homeउत्तर प्रदेशमान सम्मान तिरंगे

मान सम्मान तिरंगे

राष्ट्रप्रेम का भाव भरा है हर इक
भारतवासी तन के रोम रोम में,
जहाँ तिरंगा ध्वज बन जाता है,
सफ़ेद मूली, गाजर व हरी मिर्च में।

हर घर तिरंगा का नारा गूंज रहा है,
गली गली में ठेलों और रेहड़ियों में,
हर गरीब में हर अमीर में राष्ट्रवाद है,
“आज़ादी के अमृत महोत्सव” में।

राजनीति है नहीं यहाँ कोई
यह कोई नहीं कह सकता है,
मुख्यमंत्री स्तीफ़ा देकर फिर
से मुख्यमंत्री भी बन सकता है।

न्यायपालिका, कार्यपालिका,
विधायिका के हैं यह खिलवाड़,
चौथा स्तम्भ भी है खड़ा देखता,
उसने बंद कर लिये हैं किवाड़।

आज यूपीए के नेता जी जो हैं,
वे कल एनडीए के माननीय हैं,
कुर्सी और सत्ता की चाहत में,
इनका कोई सिद्धांत नही है।

बीस करोड़ घरों में भारत के
तिरंगा झंडा ऊँचे लहराया है,
पच्चीस रुपये से सौ रुपए तक
किसी किसी ने यहाँ कमाया है।

जन गण मन के अधिनायक,
हे! शान तिरंगे की तुम रखना,
आदित्य भारत के जनमानस में,
मान सम्मान तिरंगे का रखना।

  • कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments