महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घुघली विकास खंड में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश अब सड़कों पर खुलकर सामने आ गया है। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य मनरेगा कर्मियों ने 8 माह से लंबित मानदेय और ईपीएफ जमा न होने के विरोध में कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी है। खंड विकास अधिकारी घुघली को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि 25 अप्रैल तक कलम बंद हड़ताल जारी रहेगा।
हड़ताल के पहले ही दिन इसका असर साफ दिखने लगा है। घुघली ब्लॉक में मनरेगा से जुड़े विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। गांवों में चल रहे निर्माण कार्य, मजदूरी भुगतान और योजनाओं की मॉनिटरिंग पर सीधा असर पड़ा है। इससे ग्रामीणों में भी असमंजस की स्थिति बन गई है। उधर, मनरेगा कर्मियों ने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की—
मानदेय दो या जवाब दो,
मनरेगा कर्मियों का शोषण बंद करो,8 माह का बकाया तुरंत भुगतान करो,ग्राम रोजगार सेवक एकता जिंदाबाद।
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार पत्राचार और मौखिक शिकायतों के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मियों के सामने अब परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मियों ने उधार लेकर घर चलाने की बात कही है, जबकि कुछ ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के घुघली ब्लॉक अध्यक्ष बंधु मद्धेशिया ने कहा यह सिर्फ वेतन का मुद्दा नहीं, बल्कि हमारे सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। 8 माह से मानदेय रोकना पूरी तरह अन्याय है। कई बार अधिकारियों से अनुरोध किया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। अब तय कर लिया गया है कि जब तक मानदेय का भुगतान नहीं होगा, तब तक कलम नहीं उठेगी।
ब्लॉक महामंत्री राहुल कुमार गुप्ता ने कहा कि
ईपीएफ की कटौती तो हो रही है, लेकिन उसे यूएन खातों में जमा नहीं किया जा रहा, जो गंभीर लापरवाही है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह आंदोलन शुरू किया गया है। अगर प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन ब्लॉक से निकलकर जिले और प्रदेश स्तर तक जाएगा।
एक पीड़ित मनरेगा कर्मी ने कहा हम लोग दिन-रात मेहनत करके योजनाओं को जमीन पर उतारते हैं, लेकिन बदले में 8 महीने से वेतन नहीं मिला। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। अब हमारे पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
मनरेगा कर्मियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन की रणनीति भी तैयार की जा रही है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर तेज प्रताप मिश्र मनरेगा सहायक, मृत्युंजय पांडेय तकनीकी सहायक,वीरेंद्र गुप्ता, मोहनलाल गुप्ता, कृष्ण प्रताप, राजू मद्धेशिया, कैलाश नाथ, परविंदर मिश्रा, रामानंद, परशुराम, अरविंद कुमार जायसवाल, बजरंगी लाल, मनोज कुमार, शिवनारायण सिंह, अंबालिका सिंह, सतीश प्रसाद, धीरेंद्र, अनामिका उपाध्याय, बजरंगी, ओम हरि, बविता पटेल, अंजना गुप्ता, अमजद खान, रईस अहमद सहित भारी संख्या में मनरेगा कर्मी उपस्थित रहें।
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