जब स्वयं पर विश्वास नहीं होता है,
तो ईश्वर पर भी विश्वास नहीं होता है,
माँ की ममता में ईश्वर स्वयं बसता है,
माँ के ऊपर विश्वास अडिग होता है।
पिता का पद भी गुरू से बढ़कर है,
पिता पिता भी है, पिता गुरू भी है,
भाई भाई भी है, भाई परम मित्र है,
बहन बहन भी है, शुभचिंतक भी है।
पुत्र और पुत्री माँ-बाप के भविष्य हैं,
संताने ही होतीं चौथेपन में सहारा हैं,
परिवार तभी धन होता है जब प्यारा
निवास मकान से घर बन जाता है।
आज समय अब जैसे बदल रहा है
बीते समय की याद स्वाभाविक है,
अपने तो अपने होते ही थे पराये
भी तो अपने जैसे ही प्यारे होते थे।
कैसा समय हमारा था जब किसी के
जाने से ही आँख में आँसू आ जाते थे,
आज अंतिम साँसे यदि छूट जायँ तो
भी शमशान तक पहुँचाना मुश्किल है।
जन्म मृत्यु दोनो पैसे के पहरे में,
दोनो ही अस्पताल में ही होते हैं,
हँसना रोना दोनो हैं बनावटी आज
आदित्य पहचानना भी मुश्किल है।
कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…
देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…
निचलौल रेफर के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, रेस्क्यू टीम…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को जनसंचार एवं पत्रकारिता…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने भूगोल विषय की…
बभनान/बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सूर्य प्रताप…