नई दिल्ली,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में एक अहम बयान देते हुए 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शामिल तीनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की। शाह ने स्पष्ट किया कि इन आतंकवादियों का संबंध पाकिस्तान से था और इस संबंध में सरकार के पास अटल और पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों ने इन तीनों आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है और जांच में मिले सबूतों से यह साफ है कि हमले में तीन पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे। इनमें पाकिस्तानी मतदाता पहचान पत्र संख्या, पाकिस्तान निर्मित राइफलें और कारतूस, यहां तक कि पाकिस्तान में बनी चॉकलेट तक बरामद की गई हैं, जो उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि करती हैं।
गृह मंत्री ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि आतंकियों को शरण देने वाले लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें खाना उपलब्ध कराने वालों को हिरासत में ले लिया गया है।
अमित शाह ने कहा कि जब मारे गए आतंकियों के शव श्रीनगर पहुंचे, तब उनकी पहचान उसी पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी हुई पुष्टि की गई। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट में हमले में इस्तेमाल हुए कारतूसों और जब्त की गई राइफलों का मिलान सफलतापूर्वक हुआ, जिससे उनकी संलिप्तता प्रमाणित हो गई। कल चंडीगढ़ में की गई विस्तृत जांच के बाद यह प्रमाणिकता और भी पुख्ता हो गई है।
इसके साथ ही गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने चिदंबरम द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रामाणिकता पर सवाल उठाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि ऐसे बयान ना सिर्फ देश के सुरक्षा बलों का मनोबल गिराते हैं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक गलत संदेश भी देते हैं।
अमित शाह ने लोकसभा में जोर देकर कहा,
“भारत सरकार आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और हम अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएंगे। पाकिस्तान को भी यह स्पष्ट संदेश है कि भारत किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब देगा।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस चल रही है, और देशभर में सुरक्षा मुद्दों को लेकर सतर्कता का माहौल है। गृह मंत्री का यह बयान न सिर्फ पहलगाम हमले की जांच को दिशा देता है, बल्कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को भी रेखांकित करता है।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में नालों की सफाई…
कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l मछली पालन, झींगा पालन, मछली विक्रेताओं, मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरा समूहों और…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा के अंतर्गत आने वाली…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी,…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सात विद्यार्थियों का चयन इको नेटवर्क…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद के शारीरिक शिक्षा संकाय (बीपीएड)…