पकहां गढ़ चतुर्भुज मंदिर में 14 जनवरी को सामाजिक समरसता सहभोज, 1500 गरीबों को मिलेंगे कंबल: सूर्य प्रताप शाही
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पकहां गढ़ स्थित प्राचीन श्री भगवान चतुर्भुज मंदिर परिसर में 14 जनवरी को परंपरागत सामाजिक समरसता सहभोज का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दी। उन्होंने बताया कि यह आयोजन वर्षों से सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक रहा है, जिसमें जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर लोग एक साथ भोजन करते हैं।
कृषि मंत्री ने रविवार को राघव नगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा श्री अन्न (मिलेट्स) की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। सहभोज में श्री अन्न से तैयार कुछ पारंपरिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी शामिल किए जाएंगे, जिससे लोगों को मोटे अनाज के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक किया जा सके।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार जायद फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और जागरूक करने के लिए कृषि पाठशाला सहित विभिन्न कार्यक्रमों पर 31 करोड़ 72 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले जहां प्रदेश में केवल सवा लाख हेक्टेयर में जायद की खेती होती थी, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आंकड़ा बढ़कर 11 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बसंत ऋतु में अंत:फसली कार्यक्रम चलाया जाएगा और गन्ने की खेती में मिश्रित खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ सके। इसके लिए किसानों को उर्द और मूंग के बीज का निःशुल्क मिनी किट उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य खेती की लागत को कम कर किसानों की आय बढ़ाना है, इसी क्रम में 45 गन्ना उत्पादक जिलों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है।
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ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर गरीब और असहाय लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य भी लगातार जारी है। 6 दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस तथा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर कंबल वितरण किया गया। इसी क्रम में सामाजिक समरसता सहभोज के दिन 1500 गरीबों को कंबल वितरित किए जाएंगे।
यह आयोजन न केवल सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है, बल्कि किसानों और आमजन को कृषि नवाचारों से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम बनेगा।
