स्वयंसेवी संस्था एकलव्य एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट करेगी मदद
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जिले के हस्तशिल्प कारीगरों का दिन अब बहुरने वाला है। सरकारें उन्हें भी मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई प्रकार की सुविधाएं दे रही है। इसी के तहत हस्तशिल्प कारीगरों के प्रशिक्षण और आर्टिजन कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है। जिले स्वयंसेवी एकलव्य एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों का आर्टिजन कार्ड बनाने में मदद करेगी। संस्था के मुख्य ट्रस्टी गौरव कुमार निषाद ने बताया कि आर्टिजन कार्ड आधार जैसा ही परिचय पत्र है। जिससे पहचान होती है कि संबंधित व्यक्ति किसी खास क्षेत्र के कारीगर हैं। हस्तशिल्पियों का आर्टिजन कार्ड बनाने के लिए आवेदन संकलन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। आवेदक को आवेदन के साथ-साथ पासपोर्ट साइज के फोटो, आधार कार्ड का छायाप्रति देना अनिवार्य है। निषाद ने बताया कि आर्टिजन कार्ड से कारीगरों को व्यवसाय के लिए मुद्रा लोन लिया जाता है, तो ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। साथ ही आम आदमी जीवन बीमा लाभ भी मिलता है। सरकार द्वारा यदि हस्तशिल्प या इससे जुड़े मेले का आयोजन किया जाता है। तो कारीगरों को मुफ्त में या न्यूनतम दर पर स्टॉल आवंटित किए जायेंगे और आने जाने की सुविधा मिलेगी।
इसमें 72 प्रकार के आर्टिजन कारिगरों को शामिल किया गया है। गांव में बांस की बनी समानों को बनाने वाले, मशीन से एंब्रायडरी का काम करने वाले, डोकड़ा, टेराकोटा यानी कुम्हार जाति, पत्ता बनाने वाले, मधुबनी पेटिंग का काम करने वाले, लौहार जाति इत्यादि शामिल हैं।
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