नौवीं महाविद्या मातंगी माता,
दस महाविद्याओं में से एक हैं,
मातंगी माता वाणी, कला और
संगीत की देवी मानी जाती हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मातंगी
माँ को भगवान विष्णु और लक्ष्मी
माँ का स्वरूप भी मानी जाती हैं,
मातंगी माता प्रकृति की देवी हैं।
वाणी, कला की देवी मातंगी देवी
को वाक-सिद्धि भी कहा जाता है,
उन्हें संगीत, कला, आध्यात्मिक
उन्नति की देवी भी माना जाता है।
मातंगी देवी को सरस्वती का
तांत्रिक रूप भी माना जाता है,
मातंगी देवी वशीकरण और
सम्मोहन कला में सहायक हैं।
आदित्य मातंगी देवी शक्तिशाली
देवी हैं जो ज्ञान, कला, और वाणी
की देवी रूप में अति पूजनीय हैं,
इनकी कृपा हेतु मंत्र जाप करते हैं।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में किसान कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा…
आपसी सुलह-समझौते से मामलों के त्वरित और कम खर्चीले समाधान के लिए ग्रामीणों को किया…
आगरा में जनगणना से लेकर वोटर लिस्ट से जननी सुरक्षा योजना का जाना DM मनीष…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शारदीय नवरात्रि के छठे दिन को पूर्वांचल के प्रमुख शक्तिपीठ मां…
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। आकांक्षात्मक विकास खंड हुजूरपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक मुख्य…
फोटो X नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’…