Sunday, March 29, 2026
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भजन और भक्ति के जरिए ईश्वर को पाया जा सकता है: चारु चौधरी

साहित्यकार समाज का आईना होता है: महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। अपना ट्रस्ट एवं गोरखपुर कारागार के संयुक्त तत्वावधान में जिला कारागार गोरखपुर में भव्य कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां कवियों और भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी ने कहा कि साहित्यकार समाज का आईना होता है, जो समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करता है। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने कहा कि भजन और भक्ति के जरिए ईश्वर को पाया जा सकता है, यह आध्यात्मिक साधना का सरल और प्रभावी मार्ग है।

कार्यक्रम का संचालन मिन्नत गोरखपुरी ने किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में पढ़ा—
“सब की श्रद्धा और सम्मान है इस नाम के साथ,
भगवान श्री राम का जिक्र होता है हनुमान के नाम के साथ।”
जिस पर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

मुख्य अतिथि राकेश श्रीवास्तव तथा विशिष्ट अतिथि प्रमोद चोखानी व शिवयोगी ने भजन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत आसिया गोरखपुरी ने सरस्वती वंदना से की।

कवि सम्मेलन में गौतम गोरखपुरी ने पढ़ा—
“गीता और कुरान से बाहर आ गए,
हिंदू मुसलमान से बाहर आ गए।”

प्रतिभा गुप्ता ने अपनी रचना में कहा—
“हरे-भरे दरख्तों को उजाड़ कर इंसान,
विरानियों में सुकून भरा आयाम ढूंढ़ता है।”

आसिया गोरखपुरी ने भी अपनी प्रस्तुति में कहा—
“मोहम्मद माते ए जा अपनी,
राम भी राम है हमारे लिए।”

इसके अलावा उत्कर्ष पाठक उत्पल, तनिष्क हरि अग्रवाल, आदित्य राज, अंकुर सच्चर सहित अन्य कवियों ने भी काव्य पाठ कर कार्यक्रम को समृद्ध बनाया।

इस अवसर पर जेलर अरुण कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कारागार डी.के. पांडेय, शाहिना शेख, रवीश मिश्रा, दीपक, आजाद पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की संयोजिका स्वेच्छा श्रीवास्तव ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया

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