प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क ) पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के चलते प्रयागराज जिले में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार खतरे के निशान 84.73 मीटर से ऊपर बना हुआ है। शनिवार से शुरू हुई जलस्तर वृद्धि ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
जलस्तर बढ़ने से जिले के 200 से अधिक गांव और शहर की करीब 60 बस्तियों में पानी भर गया है। कई इलाकों में घरों, सड़कों और खेतों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी जमा हो चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित गांवों में नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों को नदी किनारे और निचले इलाकों में न जाने की अपील की है।
गंगा और यमुना के संगम क्षेत्र में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे संगम तट के आसपास के इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश का क्रम ऐसे ही जारी रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी भरने से पीने के पानी और खाने की वस्तुओं की किल्लत भी होने लगी है। कई जगह बिजली आपूर्ति बाधित है, वहीं स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।
प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है और मेडिकल टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
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