मुंबई से दिल्ली तक: भारत-फ्रांस रिश्तों का पावरफुल रोडमैप

भारत-फ्रांस दोस्ती का नया अध्याय: मुंबई में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन और AI इम्पैक्ट समिट 2026 की भव्य शुरुआत


मुंबई/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मुंबई की सजी-संवरी सड़कें और कड़े सुरक्षा इंतज़ाम इस वक्त एक बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के गवाह बन रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फर्स्ट लेडी ब्रिजिट मैक्रों 16 से 19 फरवरी तक भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है। यह मैक्रों की चौथी भारत यात्रा है और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई रफ्तार
भारत और फ्रांस के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि गहरी रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं। 26 जनवरी 1998 को दोनों देशों के बीच पहली स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बनी थी। तब से डिफेंस, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट एक्शन और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।
इस बार का भारत दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि 2026 को पहले ही ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’ घोषित किया जा चुका है। अब इसकी आधिकारिक शुरुआत मुंबई से होने जा रही है।
मुंबई में मोदी-मैक्रों की हाई-लेवल मीटिंग
17 फरवरी को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। इस बैठक में ‘होराइजन 2047’ रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
होराइजन 2047 के तहत अगले 25 वर्षों में भारत-फ्रांस सहयोग को किन क्षेत्रों में और गहराई दी जाए, इस पर रणनीति बनेगी। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, इंडो-पैसिफिक सिक्योरिटी, साइबर सिक्योरिटी और क्लीन एनर्जी इस चर्चा के प्रमुख मुद्दे होंगे।

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इंडो-पैसिफिक और ग्लोबल मुद्दों पर साझा सोच
भारत और फ्रांस दोनों ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम आधारित व्यवस्था के समर्थक हैं। इस दौरे के दौरान दोनों नेता वैश्विक सुरक्षा, यूक्रेन संकट, मिडिल ईस्ट, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी यूरोप और एशिया के बीच संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026
मुंबई के बाद मोदी और मैक्रों दिल्ली के भारत मंडपम पहुंचेंगे। यहां 16 से 20 फरवरी तक ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का आयोजन होगा। यह ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों में होने वाला अपनी तरह का पहला बड़ा AI समिट है।
इससे पहले फरवरी 2025 में पेरिस में हुए AI एक्शन समिट में भी मोदी और मैक्रों एक साथ मंच साझा कर चुके हैं। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए यह समिट भारत में हो रहा है।

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समिट के तीन सूत्र: पीपल, प्लैनेट, प्रोग्रेस
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का फोकस तीन अहम स्तंभों पर आधारित है—पीपल: AI को आम लोगों के जीवन से जोड़ना
प्लैनेट: पर्यावरण और क्लाइमेट सॉल्यूशंस में AI का इस्तेमाल
प्रोग्रेस: आर्थिक विकास और इनोवेशन को तेज़ करना
इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो: टेक्नोलॉजी जनता के लिए
समिट के साथ-साथ एक विशाल ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो’ भी आयोजित किया जाएगा।
इस एक्सपो में 30 देशों के 300 से ज्यादा एग्जीबिटर्स हिस्सा लेंगे। 10 अलग-अलग पवेलियन में यह दिखाया जाएगा कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब से निकलकर सीधे आम लोगों की जिंदगी आसान बना रहा है।
पूरा इवेंट ‘इंडिया AI मिशन’ और ‘डिजिटल इंडिया’ विज़न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि टेक्नोलॉजी का फायदा सीधे समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

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इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन की शुरुआत
2024 के गणतंत्र दिवस पर जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के चीफ गेस्ट थे, तब प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों ने 2026 को ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’ घोषित किया था।
अब मुंबई में दोनों नेता मिलकर इसकी आधिकारिक शुरुआत करेंगे। इस पहल के तहत स्टार्टअप्स, रिसर्च इंस्टीट्यूट्स, यूनिवर्सिटीज और इंडस्ट्री के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
क्यों खास है यह दौरा
यह दौरा इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि—
भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी
AI, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ेगा
ग्लोबल साउथ को AI में मजबूत आवाज़ मिलेगी
इंडो-पैसिफिक में भारत की भूमिका और सशक्त होगी

Editor CP pandey

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