विधिक जागरूकता सभी के लिए अनिवार्य: ग्रामीणों के अधिकारों को सशक्त करता विधिक साक्षरता शिविर
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा के निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शुक्रवार को महुली थाना क्षेत्र के बघाड़ी उर्फ परसादीपुर गांव में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके न्यायिक अधिकारों, कानूनी प्रक्रियाओं और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला जज देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि विधिक जागरूकता हर नागरिक के लिए आवश्यक है। कानून की जानकारी के अभाव में लोग अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्थायी लोक अदालत, प्री-लिटिगेशन, मेडिएशन तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) के माध्यम से आम जनता को सरल, त्वरित और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराया जाता है।
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एलएडीसीएस के चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव ने थाने पर एफआईआर दर्ज कराने से जुड़े अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो पीड़ित व्यक्ति न्यायालय की शरण लेकर उचित कानूनी उपचार प्राप्त कर सकता है। साथ ही उन्होंने नालसा द्वारा संचालित टोल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं की प्रक्रिया भी समझाई।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को घरेलू विवाद, भूमि विवाद, पारिवारिक मामले, महिला एवं बाल संरक्षण, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार तथा सरकारी योजनाओं से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओमप्रकाश यादव, राहुल यादव, मोतीलाल, पीएलवी त्रिलोकी सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ी और उन्होंने इसे उपयोगी बताया।
