Thursday, February 12, 2026
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बलात्कार पीड़ितों के शवों को जलाने और दफनाने को किया गया मजबूर पूर्व सफाईकर्मी का दावा


परिवार सहित जान का खतरा जताते हुए पुलिस से मांगी सुरक्षा

दक्षिण कन्नड़/ कर्नाटक|(राष्ट्र की परम्परा कर्नाटक के प्रतिष्ठित धर्मस्थल मंदिर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन के साथ पूर्व में कार्य कर चुके एक सफाईकर्मी ने आरोप लगाया है कि उसे वर्षों तक बलात्कार पीड़ित महिलाओं के शवों को जलाने और दफनाने के लिए मजबूर किया गया। यह सनसनीखेज खुलासा उसने हाल ही में स्थानीय पुलिस के समक्ष किया है।

आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने न केवल अपने जीवन को खतरे में बताया, बल्कि यह भी दावा किया कि इस काम में कई प्रभावशाली लोग शामिल रहे हैं। उसने कहा कि अगर समय रहते उसे और उसके परिवार को सुरक्षा नहीं दी गई, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।

गोपनीयता में दर्ज कराई शिकायत

सूत्रों के अनुसार, यह व्यक्ति कई वर्षों तक मंदिर परिसर से जुड़े कार्यों में लगा रहा, जहां उसे सफाईकर्मी के रूप में नियुक्त किया गया था। अब उसने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें उसने विस्तार से बताया कि कैसे उसे “सिस्टम के दबाव में” उन शवों को ठिकाने लगाने को कहा गया, जो कथित तौर पर यौन उत्पीड़न या बलात्कार की घटनाओं में मारी गई महिलाएं थीं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया संदिग्ध

हालांकि इस मामले पर मंदिर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने की स्वतः संज्ञान लेने की मांग

घटना के सामने आते ही कई मानवाधिकार संगठनों और महिला सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया है और राष्ट्रीय महिला आयोग तथा कर्नाटक मानवाधिकार आयोग से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है।

पुलिस ने जांच शुरू की

दक्षिण कन्नड़ पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को संक्षेप में बताया कि शिकायत मिली है और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि शिकायतकर्ता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

“यह बेहद संवेदनशील मामला है। हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। अगर इसमें कोई संगठित अपराध या बड़ा रैकेट जुड़ा पाया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
— पुलिस अधीक्षक, दक्षिण कन्नड़ जिला

राजनीतिक हलचल तेज

मामले के सार्वजनिक होते ही विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे “राज्य में कानून व्यवस्था की विफलता” बताया, वहीं भाजपा ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सवालों के घेरे में धर्मस्थल प्रशासन

मंदिर, जो दक्षिण कन्नड़ जिले में धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद प्रतिष्ठित है, अब संदेहों के घेरे में आ गया है। यह वही स्थान है, जिसे हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

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