जनपद न्यायाधीश के द्वारा किया गया ध्वजारोहण व वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)  भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपद न्यायालय देवरिया के परिसर में देवेन्द्र सिंह,  जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा जनपद न्यायालय के सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण, बार एसोसिएशन के पदाधिकारीगण एवं जनपद न्यायालय के कर्मचारीगण की उपस्थिति में झण्डारोहण किया गया एवं उपस्थित सभी द्वारा राष्ट्रीयगान का पाठ किया गया।  जनपद न्यायाधीश के द्वारा न्यायालय परिसर में ध्वजारोहण के साथ समस्त न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं न्यायालय स्टाफ को राष्ट्र के प्रति सर्मपण के साथ सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हए सर्मपण व सत्यनिष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
            इसके अतिरिक्त  जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के द्वारा  जनपद न्यायालय देवरिया के परिसर, में वृक्षारोपण  किया गया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में जनपद न्यायालय देवरिया के प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तथा सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण द्वारा भी वृक्षारोपण किया गया एवं अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।
          वृक्षारोपण कार्यक्रम में  देवेन्द्र सिंह,  जनपद न्यायाधीश  ने कहा कि वृक्षों के संरक्षण के लिये यह अत्यंत आवश्यक है कि हम सभी वृक्षों की उपयोगिता को गंभीरता से समझें। जब हम वन का नाम लेते हैं तब हमारी आंखों के समक्ष तरह-तरह के हरे-भरे चित्र उभरने लगते हैं, मात्र यह सोचना गलत है कि वन केवल लकड़ी की खानें हैं, वे हमारी प्राण रक्षा के लिये आवश्यक आक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करते हैं, जनपद न्यायाधीश  द्वारा उपस्थित समस्त कर्मचारीगण से अपील की गई कि वे अपने अपने घरों में भी कम से कम एक पौधा अवश्य लगायें।
       अशोक कुमार दूबें, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया द्वारा वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुये बताया कि अंधाधुंध वनों की कटाई के कारण भूमिगत जल का स्तर बहुत नीचे चला गया है इस कारण अब न सिर्फ सिंचाई बल्कि पीने के पानी का भी संकट उत्पन्न हो गया है। इसलिये हम सब की यह विशेष जिम्मेदारी है कि हम वृक्षों का ध्यान रखें, उनकी देखभाल करें तथा नये वृक्ष लगाने पर जोर दें जिससे प्रकृति का संतुलन बना रहे। उन्होने कहा कि वृक्ष मानव का जीवन सहचर है। वृक्षारोपण से प्रकृति का संतुलन बना रहता है, वृक्ष अगर न हो तो नदियां न ही जल से भरी होंगी और न ही वृक्षों की जड़ों से वर्षाऋतु का जल धरती के अन्दर पहुंचेगा, यही जल स्त्रोतों में गमन करके हमें अपर जल राशि प्रदान करता है। वृक्षारोपण हमारे जीवन को सुखी, संतुलित बनाये रखने के लिये तथा जीवन में राहत और सुख-चैन पाने के लिये अति आवश्यक है।
           इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से समस्त न्यायिक अधिकारीगण, पूर्व अध्यक्ष/अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन व  अधिवक्तागण कर्मचारीगण , सुरक्षाकर्मी इत्यादि लोग उपस्थित रहें।

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