बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद बलिया को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम और निर्णायक पहल करते हुए मंगलवार को फाइलेरिया मुक्ति अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास खंड हनुमानगंज के कम्पोजिट विद्यालय बसंतपुर में किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने स्वयं विद्यालय के बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की और उपस्थित लोगों को फाइलेरिया उन्मूलन के महत्व के बारे में जागरूक किया।
यह फाइलेरिया मुक्ति अभियान स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक फाइलेरिया रोधी दवाएं पहुंचाकर इस गंभीर बीमारी की संक्रमण श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ना है।
घर-घर दवा वितरण से फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य
इस विशेष अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीमें, आशा बहुएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराएंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति फाइलेरिया मुक्ति अभियान से वंचित न रहे। यह अभियान सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है, जिससे फाइलेरिया उन्मूलन को स्थायी सफलता मिल सके।
ये भी पढ़ें – लगातार भूकंप: क्या बड़ा झटका आने वाला है?
कर्मियों को दिए गए सख्त निर्देश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन तभी संभव है जब स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ता और समाज के सभी वर्ग पूर्ण निष्ठा और मनोयोग से कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि दवा सेवन की प्रक्रिया पूरी निगरानी में हो और पात्रता का विशेष ध्यान रखा जाए।
फाइलेरिया रोधी दवाओं का सुरक्षित सेवन
फाइलेरिया मुक्ति अभियान के दौरान आयु और स्वास्थ्य मानकों के अनुसार निम्नलिखित दवाएं दी जा रही हैं—
डी.ई.सी. (Diethylcarbamazine Citrate)
एल्बेंडाजॉल (Albendazole)
इवरमेक्टिन (Ivermectin)
विशेषज्ञों के अनुसार ये दवाएं सुरक्षित हैं और फाइलेरिया उन्मूलन में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाती हैं। दवाओं का सेवन खाली पेट न करने की सलाह दी गई है।
फाइलेरिया से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज
फाइलेरिया एक गंभीर और जीवनभर रहने वाली बीमारी मानी जाती है, लेकिन समय पर फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर इससे पूरी तरह बचाव संभव है। मुख्य विकास अधिकारी ने जनमानस से स्वच्छता बनाए रखने, मच्छरों के प्रजनन को रोकने और स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया मुक्ति अभियान केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। जनसहयोग से ही बलिया को फाइलेरिया मुक्त जनपद बनाया जा सकता है।
यह फाइलेरिया उन्मूलन अभियान जनस्वास्थ्य की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो आने वाले समय में स्वस्थ और सुरक्षित समाज की नींव रखेगा।
गोरखपुर गोरक्ष प्रांत योजना बैठक—कार्ययोजना 2026 यह बैठक विश्व हिंदू परिषद, गोरक्ष प्रांत, गोरखपुर, योजना…
नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की राह पर कदम बढ़ाएंगी छात्राएं, 19 से 22 वर्ष आयु वर्ग…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रामीण…
अनूप तिवारी देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। अमर शहीद शिवराज उर्फ सोना सोनार के 84वें शहादत…
सरदार भगत सिंह ने ‘किरती’ में लिखी वीरों की गाथा काकोरी ट्रेन एक्शन केवल सरकारी…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में शुक्रवार को "सतत कृषि…