किसान का मेहनत बाढ़ ने किया धान की फसल चौपट

महुआ बाजार /बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा) राप्ती नदी का जल स्तर काफी कम हो गया, लोगों को राहत मिली, बाढ़ प्रभावित गांवो के लोग खुश हैं कि अब कभी भी कहीं भी किसी समय आया जाया जा सकता है। किंतु किसानो की बात करे तो सबसे अधिक दुखी वही है। पानी कम होने पर किसान लालबिहारी ग्राम तिलखी जब अपने खेतों में लगे धान का फसल देखने गए तो फसल दुबारा रोपाई के बाद आए बाढ़ से गल जाने पर बहुत दुखी हुए। बताया कि बैरन लगाते ही बाढ़ आ गई, दुबारा पुरे क्षेत्र के लोगों ने इधर उधर से बीज लाकर रोपाई किया किंतु उसके बाद भी फसल गल गया। बभनी बुजुर्ग, तिलखी बढ़या, मोहनजोत,मटियारिया कर्मा, बाघाजोट, फतेपुर, जानुकी, जनुका , विरदा बनिया भारी, केवटली, देवारिया अर्जून, मलमलिया, बांक भवानी, साहित दर्जनों गांवों के किसानों की समस्या एक सी है।

Editor CP pandey

Recent Posts

नेपाल की त्रासदी पर पिघला गोरखा समाज का दिल, 1.62 लाख की मदद

अपनों के दर्द में साथ खड़ा हुआ भारतीय गोरखा समाज, डमर बहादुर गुरुंग के नेतृत्व…

8 hours ago

बूथ मजबूत करने में जुटी सपा की लोहिया वाहिनी, 2027 की तैयारी पर जोर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी की मासिक बैठक शनिवार को बसियवां स्थित समाजवादी…

9 hours ago

डीडीयू में 14 से 22 सितंबर तक विशेष बैक परीक्षा, मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक सामान पर रोक

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में विशेष बैक परीक्षा 14 सितंबर से…

9 hours ago

नहर में कूदी महिला, जान की बाजी लगाकर कूद पड़े दो किशोर

तेज बहाव में महिला को मौत के मुंह से खींच लाए कक्षा 10 के छात्र,…

9 hours ago

पानी में डूबी बस्ती, घरों में कैद ग्रामीण, जल निकासी को लेकर फूटा गुस्सा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड परतावल की ग्राम पंचायत बरियारपुर के बेलहिया टोले में बरसात का…

9 hours ago

मोदी-शी-पुतिन की एक मंच पर मौजूदगी से बदलेगी दुनिया की आर्थिक तस्वीर?

ब्रिक्स सम्मेलन 2026: मोदी-शी-पुतिन एक मंच पर, महंगे तेल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर…

10 hours ago