कलाकृतियां इंसान को सुकून देती हैं और इनके विक्रय से कलाकार उत्साहित होते हैं- प्रो. अनुभूति दुबे
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्विद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग के पांच नवोदित चित्रकारों की कलाकृतियों को जाने-माने न्यूरो सर्जन डॉक्टर रणविजय दुबे और उनकी पत्नी प्रो. अनुभूति दुबे ने खरीदा। ये कलाकृतियां विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग द्वारा आयोजित “अंतर्देशीय” कला प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई थीं। डॉ. रणविजय दुबे ने कहा कि ललित कला एवं संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं में कला सृजन की अदभुत प्रतिभा है। बस गोरखपुर के बुद्धिजीवी लोगों को इनकी कला को पहचान देने की जरूरत है। प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने कहा कि कलाकृतियां इंसान को सुकून देती हैं और कलाकृतियों के विक्रय से कलाकार और उत्साहित होंगे तथा आगे और भी अच्छी पेंटिंग सृजित करेंगे। ललित कला एवं संगीत विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर उषा सिंह ने उन दोनों की इस पुनीत कार्य की सराहना की और विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए डॉक्टर रणविजय दुबे तथा प्रोफेसर अनुभूति दुबे को धन्यवाद दिया। विभाग के शिक्षक डॉक्टर गौरी शंकर चौहान, डॉक्टर प्रदीप साहनी तथा डॉक्टर प्रदीप राजोरिया ने पांचों विद्यार्थियों को बधाई दिया।
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