प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि दुष्कर्म पीड़िता और उसके बच्चे की डीएनए जांच का आदेश नियमित ढंग से नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे आदेश तभी दिए जाने चाहिए जब बाध्यकारी और अपरिहार्य परिस्थितियां हों, क्योंकि इस तरह की जांच से गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।
मामला रामचंद्र राम नामक आरोपी की ओर से दाखिल याचिका से जुड़ा है। आरोपी ने निचली अदालत द्वारा दुष्कर्म पीड़िता और उसके बच्चे की डीएनए जांच कराने के आवेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी थी।
कोर्ट की टिप्पणी
न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा ने याचिका खारिज करते हुए कहा, “भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) के मामलों में बच्चे के पितृत्व का पता लगाना आवश्यक नहीं है। डीएनए जांच का आदेश तभी दिया जा सकता है जब इसके लिए मजबूर कर देने वाली परिस्थितियां उत्पन्न हों। अन्यथा यह पीड़िता और बच्चे दोनों के लिए सामाजिक रूप से गंभीर दुष्परिणाम ला सकता है।”
मामला क्या है?
आरोपी रामचंद्र राम के खिलाफ दुष्कर्म, घर में घुसने, गलत कैद करने और आपराधिक धमकी देने सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच पूरी होने पर उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। पाँच गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद आरोपी ने डीएनए जांच की मांग की, लेकिन निचली अदालत ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
निचोड़
हाईकोर्ट ने साफ कहा कि डीएनए जांच कोई नियमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे केवल असाधारण परिस्थितियों में ही आदेशित किया जा सकता है। इस फैसले से भविष्य में दुष्कर्म मामलों में डीएनए जांच संबंधी मांगों पर न्यायालयों के रुख को लेकर महत्वपूर्ण दिशा मिली है।
गुवाहाटी (राष्ट्र की परम्परा)। Rajasthan Royals (RR) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Royal Challengers Bengaluru…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे…
उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों को बड़ी राहत, मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह लखनऊ…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में आयोजित…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में 10…
अंतिम निर्वाचक नामावली 2026 जारी—मतदाताओं में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, कई जिलों में बड़ा उछाल लखनऊ (राष्ट्र…