ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान बनेगा सिकंदरपुर महिला चिकित्सालय

🔴 सिकंदरपुर विधानसभा में महिला चिकित्सालय की मांग तेज, विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी ने विधानसभा में उठाई सशक्त आवाज


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही महिला चिकित्सालय की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। क्षेत्र के विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी ने यह अहम मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय और ठोस कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने कहा कि सिकंदरपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आज भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय या निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो समय, धन और सुरक्षा—तीनों दृष्टि से कठिन है।
🔹 क्यों जरूरी है सिकंदरपुर में महिला चिकित्सालय?
विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक रिजवी ने बताया कि क्षेत्र की महिलाओं को प्रसव सेवाएं, स्त्री रोग उपचार, एनीमिया, कुपोषण और नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए दूर जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह व्यवस्था अक्सर असंभव साबित होती है। कई मामलों में आपात स्थिति में समय पर इलाज न मिलने से मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर का जोखिम बढ़ जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन स्वास्थ्य अवसंरचना उसी अनुपात में विकसित नहीं हो सकी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, सीमित संसाधन और आधुनिक उपकरणों का अभाव है, जिससे महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिल पाता।

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🔹 प्रस्तावित महिला चिकित्सालय में क्या-क्या हों सुविधाएं?
विधायक ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि प्रस्तावित महिला चिकित्सालय में निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं—
अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ।
24×7 प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ।
आधुनिक प्रसव कक्ष (लेबर रूम) और ऑपरेशन थियेटर।
अल्ट्रासाउंड, लैब जांच, आयरन-फोलिक एसिड सपोर्ट जैसी जांच सुविधाएं।
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी और नवजात शिशुओं के लिए विशेष देखभाल यूनिट
इन सुविधाओं से न केवल स्थानीय महिलाओं को राहत मिलेगी, बल्कि आसपास के गांवों की गर्भवती महिलाओं को भी सुरक्षित और समय पर चिकित्सा मिल सकेगी।
🔹 जनता और सामाजिक संगठनों का समर्थन
विधानसभा में यह मुद्दा उठने के बाद क्षेत्र में आशा की नई किरण जगी है। स्थानीय नागरिकों, महिला समूहों और सामाजिक संगठनों ने सिकंदरपुर में महिला चिकित्सालय की मांग का खुलकर समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि यह मांग किसी एक क्षेत्र या वर्ग की नहीं, बल्कि माताओं और बहनों के स्वास्थ्य व सम्मान से जुड़ा सवाल है।
🔹 सरकार के निर्णय पर टिकी निगाहें
अब सबकी निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हैं। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र में महिला स्वास्थ्य सेवाओं का नया अध्याय शुरू होगा। यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करेगा और भविष्य में मातृ-शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाएगा।

Editor CP pandey

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