सरायकेला में दर्दनाक घटना: 20 वर्षीय युवक ने महुआ के पेड़ से लटककर की आत्महत्या, गांव में शोक


सरायकेला/खरसावा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)युवक आत्महत्या का मामला सामने आया है, जहां शासन गांव में 20 वर्षीय सुनील सिंह मुंडा ने महुआ के पेड़ से लटककर जान दे दी।
सरायकेला थाना क्षेत्र के शासन गांव में सरायकेला युवक आत्महत्या की एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गांव के पास स्थित महुआ के पेड़ से गमछे के सहारे लटके एक युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 20 वर्षीय सुनील सिंह मुंडा के रूप में हुई है। आशंका जताई जा रही है कि यह घटना रविवार देर रात की है।
सोमवार सुबह जब मृतक का छोटा भाई सूरज सिंह मुंडा घर के आंगन की सफाई कर रहा था, तभी उसकी नजर घर के बगल में लगे महुआ के पेड़ पर गई। वहां सुनील का शव लटका देख वह स्तब्ध रह गया। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

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सूचना मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को पेड़ से नीचे उतारा और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सरायकेला युवक आत्महत्या मामले में मृतक सुनील सिंह मुंडा रविवार रात परिवार के साथ खाना खाने के बाद सोने चला गया था। घर के अन्य सदस्य भी अपने-अपने कमरों में सो गए थे। किसी को अंदेशा नहीं था कि रात में ऐसा दर्दनाक कदम उठाया जाएगा।

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सुनील अपने पिता सुकरा सिंह मुंडा का बड़ा बेटा था। वह मूल रूप से कुचाई प्रखंड के आरंगा गांव का निवासी था। करीब 20 साल पहले उसके पिता काम की तलाश में सरायकेला के कोड़ासाई क्षेत्र में आकर रहने लगे थे। बीते पांच वर्षों से परिवार शासन गांव में किराए के मकान में रह रहा था, जहां सभी लोग मजदूरी कर किसी तरह जीवन यापन कर रहे थे।
मृतक सुनील सिंह मुंडा भी दैनिक मजदूरी कर अपने पिता की मदद करता था। गांव वालों के अनुसार वह सामान्य स्वभाव का युवक था और किसी से झगड़ा या विवाद की बात सामने नहीं आई है। ऐसे में सरायकेला युवक आत्महत्या के पीछे की वजह क्या रही, यह फिलहाल रहस्य बना हुआ है।

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पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवक ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

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इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की मानसिक स्थिति, आर्थिक दबाव और सामाजिक चुनौतियों की ओर ध्यान खींचा है। सरायकेला युवक आत्महत्या जैसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं कि समय रहते संवाद, सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना जरूरी है।

Editor CP pandey

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