Wednesday, February 18, 2026
Homeउत्तर प्रदेशसंविलियन विद्यालय लक्ष्मनपुर शंकरपुर का डीएम ने किया औचक निरीक्षण

संविलियन विद्यालय लक्ष्मनपुर शंकरपुर का डीएम ने किया औचक निरीक्षण

गणित व अंग्रेजी में छात्राओं ने दिखायी प्रतिभा छात्रा मुस्कान व सोनी को डीएम ने दी शाबाशी

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षण कार्य की गुणवत्ता, शिक्षक-शिक्षिकाओं व छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, निशुल्क पुस्तक एवं ड्रेस वितरण, आधार फीडिंग, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा भवन इत्यादि का जायज़ा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मोनिका रानी ने विकास खण्ड रिसिया अन्तर्गत पीएम संविलियन विद्यालय लक्ष्मनपुर शंकरपुर का औचक निरीक्षण किया। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान डीएम ने कक्षा आठवीं की छात्रा मुस्कान से ब्लैक बोर्ड पर गुणा से सम्बन्धित प्रश्न हल करवाया जबकि कक्षा सात की छात्रा से अंग्रेज़ी में ऐलीफेन्ट लिखने को कहा। बच्चों द्वारा सही उत्तर देने पर डीएम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी छात्र-छात्राओं से ताली बजवाकर बच्चों की हौसला अफज़ाई की।विद्यालय के निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यालय में सहायक अध्यापक अमित कुमार व सरिता शर्मा तथा शिक्षा मित्र सुमन यादव व वसीम अली तैनात है। छात्र-छात्राओं के नामांकन एवं उपस्थिति में बाबत जानकारी करने पर बताया गया कि प्राथमिक स्तर पर 45 छात्र व 52 छात्राएं कुल 97 बच्चे पंजीकृत है जिसमें से 24 छात्र व 30 छात्राएं उपस्थित हैं। इसी प्रकार जूनियर स्तर 85 छात्र व 92 छात्राएं कुल 177 बच्चे पंजीकृत है जिसमें से 41 छात्र व 51 छात्राएं उपस्थित हैं। डीएम ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए डीएम ने नवनिर्मित कक्ष-कक्षा, दिव्यांग शौचालय, किचेन गार्डेन, रसोई घर का निरीक्षण कर एमडीएम में तैयार की गई तहरी की गुणवत्ता को परखा तथा रसोई घर में उपलब्ध बर्तनों व उपकरणों तथा प्रयोग में लाये जाने वाले खाद्य पदार्थों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। डीएम ने कम्पोजिट ग्रान्ट मद से क्रय किये गये इन्वर्टर, बैट्री, प्रिन्टर, सीसीटीवी कैमरे तथा स्टेशनरी तथा खेलकूद मद में प्राप्त धनराशि से निर्मित बैडमिंटन कोर्ट को देखा तथा इससे सम्बन्धित अभिलेखों का भी अवलोकन किया। डीएम ने निर्देश दिया कि विभिन्न मदों में प्राप्त होने वाली धनराशि के व्यय से सम्बन्धित अभिलेखों को सुव्यवस्थित ढंग से रखा जाय। डीएम ने शिक्षण स्टाफ को निर्देश दिया कि बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी दें तथा पढ़ाई के अलावा उन्हें खेल व अन्य गतिविधियों के लिए भी प्रेरित किया जाय।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments