दीपावली पर्व अति पावन पाँच
दिनो तक सारे भारत में होता है,
धन्वन्तरि ऋषि की जन्मतिथि
धनतेरस से यह पर्व शुरू होता है।
आयुर्वेद चिकित्सा में धन्वन्तरि
ने स्वस्थ शरीर को धन माना है,
पहला सुख निरोगी काया दूजा सुख
घर में माया धन लक्ष्मी को माना है।
इसीलिए धन त्रयोदशी को धन
लक्ष्मी की पूजा की जाती है,
तन स्वस्थ रहे, मन आनंदित हो,
अर्थ की देवी लक्ष्मी घर आती हैं।
अगले दिन छोटी दीवाली यानी नर्क
चतुर्दशी मनाने की बारी आती है,
काली पूजा, कृष्ण पूजा, यम पूजा,
वामन पूजा इस दिन की जाती है।
पौराणिक कथाएँ प्रचलित, नर्कासुर,
भौमासुर वध कृष्ण के द्वारा होता है,
काली माता, श्रीकृष्ण-सत्यभामा,
यमराज, वामन देव को पूजा जाता है।
दीवाली की रात अमावस होती
है श्रीगणेश लक्ष्मी को विधिवत
इस दिन श्रद्धा से पूजा जाता है,
सीता राम लखन के वन से वापसी
के स्वागत में हर घर में दीपमालिका
जला कर आनंद मनाया जाता है।
चौथे दिन कार्तिक शुक्ल परेवा को
गोवर्धन पूजा, श्रीकृष्ण द्वारा गोकुल
की इन्द्र के कोप से रक्षा की जाती है,
द्वितीया को अगले दिन भाईदूज,
भाई बहन के पावन रिश्ते और
प्यार के लिए मनाई जाती है।
पाँचो दिन दीवाली के हर्ष और
उल्लास पूर्वक श्रद्धा भक्ति पूर्वक
भारत के हर घर में मनाये जाते हैं,
ख़ुशियों और सुख समृद्धि हेतु पूरी
आस्था विश्वास जताकर आदित्य
मिठाई खाते हैं,पटाखे फोड़े जाते हैं।
, समाजसेवियों ने उठाई आवाज जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। समाजसेवी सनी कपाही, टीम "मे आई…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक…
संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के सात शोधार्थियों ने…
बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)जनपद बस्ती के विधानसभा क्षेत्र हर्रैया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर…
बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा ) आयकर विभाग, बलिया द्वारा वित्त मंत्रालय की'प्रारम्भ-2026' पहल के अंतर्गत शुक्रवार…